Venice Film Festival: इसराइल की सैन्य कार्रवाई पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'NAZA' को मिला 25 मिनट का लंबा स्टैंडिंग ओवेशन।

वेनिस फिल्म फेस्टिवल में इसराइल के गाजा में एआई आधारित सैन्य अभियानों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'NAZA' को ऐतिहासिक प्रतिक्रिया मिली। फिल्म के प्रीमियर के दौरान दर्शकों ने हॉल में फलस्तीनी झंडे भी लहराए और इसे रिकॉर्ड 25 मिनट लंबा स्टैंडिंग ओवेशन मिला। यह फिल्म फेस्टिवल के प्रतिष्ठित गोल्डन लायन पुरस्कार के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली 21 प्रविष्टियों में इकलौती डॉक्यूमेंट्री है। इस फिल्म का प्रदर्शन गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को साला ग्रांडे में हुआ था, जहां लोगों की भारी भीड़ मौजूद थी।
डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक और निर्माण से जुड़ी बातें
इस बहुचर्चित डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक युवाल अब्राहम और राहेल स्ज़ोर हैं, जबकि इसके कार्यकारी निर्माता जोनाथन ग्लेज़र हैं। फिल्म इस बात की गहराई से जांच करती है कि संघर्ष के दौरान फलस्तीनी नागरिकों को किस तरह से निशाना बनाया गया। फिल्म का शीर्षक 'NAZA' एक इस्राइली सैन्य संक्षिप्त नाम से लिया गया है जो अनुमानित नागरिक हताहतों यानी संपार्श्विक क्षति से जुड़ा हुआ है। इस प्रोजेक्ट में इस्राइली खुफिया अधिकारियों और सैनिकों के छिपी पहचान के साथ 24 साक्षात्कार शामिल हैं, जिसमें उन्होंने निगरानी, लक्ष्य चयन और सैन्य हमलों के बारे में खुलकर बात की है।
पत्रकारिता और रिपोर्टिंग का आधार
इस फिल्म के निर्माण में द गार्डियन और जे डब्ल्यू फिल्म्स के जेम्स विल्सन ने सहयोग दिया है। यह डॉक्यूमेंट्री साल 2023 से 2025 के बीच +972 मैगजीन, लोकल कॉल और द गार्डियन द्वारा प्रकाशित खोजी रिपोर्टिंग पर आधारित है। इस फिल्म को फेस्टिवल के कार्यक्रम में एक आखिरी समय की प्रविष्टि के रूप में शामिल किया गया था, जिसकी घोषणा 24 अगस्त 2026 को की गई थी ताकि इसमें काम करने वाले लोगों की पहचान गुप्त रखने की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
इस्राइली सेना और निर्देशकों का पक्ष
डॉक्यूमेंट्री के सामने आने के बाद इस्राइली सेना ने इसमें लगाए गए सभी दावों को खारिज कर दिया। सेना का कहना है कि यह फिल्म युद्ध के समय के पारंपरिक आनुपातिकता विचारों को गलत तरीके से पेश करती है। दूसरी ओर, निर्देशकों ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य अंदरूनी गवाहों की गवाही को दुनिया के सामने लाना और गाजा में नागरिक मौतों पर इस्राइली समाज के भीतर की कथित चुप्पी को चुनौती देना था। अल जज़ीरा ने भी इस फिल्म पर रिपोर्ट प्रसारित की है और इसमें व्हिसलब्लोअर द्वारा दी गई गवाहियों के महत्व को रेखांकित किया है।