नेपाल में मनमाना किराया वसूलने वाली एयरलाइंस पर भारी जुर्माने का प्रस्ताव

त्योहारों के मौसम में या आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान अक्सर यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए भारी-भरकम कीमत चुकानी पड़ती है। कई एयरलाइंस इस मौके का फायदा उठाकर यात्रियों की मजबूरी का लाभ उठाती हैं और स्वीकृत दरों से ज्यादा पैसे वसूलती हैं। लेकिन अब नेपाल में ऐसी मनमानी करने वाली एयरलाइंस की खैर नहीं होगी। यात्रियों को इस आर्थिक शोषण से बचाने के लिए सरकार ने एक बेहद सख्त कदम उठाने का मन बना लिया है।
विधेयक में भारी जुर्माने का प्रावधान
नेपाल की संघीय संसद में नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से जुड़े कानून में संशोधन के लिए एक नया विधेयक पेश किया गया है। इस विधेयक के जरिए हवाई यात्रा से जुड़ी अनियमितताओं पर लगाम कसने की तैयारी है। विधेयक की धारा 47 के तहत स्वीकृत किराए से ज्यादा पैसे वसूलने को एक गंभीर अपराध माना गया है।
अगर कोई एयरलाइंस इस नियम का उल्लंघन करती है और तय दर से अधिक शुल्क वसूलती है, तो उसे कड़े आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा। विधेयक की धारा 48(1)(ख) के प्रावधानों के मुताबिक, महानिदेशक के पास यह अधिकार होगा कि वे ऐसी एयरलाइंस या संबंधित व्यक्ति पर 5 लाख से लेकर 15 लाख नेपाली रुपये तक का जुर्माना लगाएं।
दोबारा गलती करने पर दोगुना दंड
इस कानून का डर एयरलाइंस के मन में बिठाने के लिए और भी सख्त प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि कोई एयरलाइंस एक बार जुर्माना भरने के बावजूद बाज नहीं आती है और यात्रियों से दोबारा अधिक किराया वसूलने का अपराध करती है, तो उसे और भी बड़ी कीमत चुकानी होगी। नए प्रस्ताव के अनुसार, ऐसी स्थिति में पिछली बार दी गई सजा की तुलना में दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा।
खास तौर पर चाडबाड़ यानी त्योहारों के दिनों में, खराब मौसम के समय या फिर किसी प्राकृतिक आपदा के दौरान जब यात्रियों को सबसे ज्यादा मदद की जरूरत होती है, तब एयरलाइंस द्वारा टिकटों की कालाबाजारी और मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें आम हो जाती हैं। इस नए कानून के लागू होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि यात्रियों को इन परेशानियों से बड़ी राहत मिलेगी और विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी।