नेपाल में पुनर्निर्माण के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक, बाढ़ पीड़ितों की मदद पर होगी चर्चा

नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण के लिए एक उच्चस्तरीय राजनीतिक तंत्र बनाने के उद्देश्य से बुधवार, 16 सितंबर, 2026 को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य मकसद देश में आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को बेहतर तरीके से चलाना है ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
बैठक की जगह और समय
आरएसपी के प्रवक्ता जगदीश खरेल के अनुसार, यह महत्वपूर्ण बैठक सुबह 11 बजे सिंहदरबार स्थित आरएसपी संसदीय दल के कार्यालय में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता हिस्सा लेंगे और आपाद स्थिति से निपटने के लिए आपसी समन्वय को मजबूत करने पर विचार करेंगे। बैठक के दौरान उच्चस्तरीय राजनीतिक तंत्र के गठन के अलावा आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
राजनीतिक दलों की सक्रियता और नए प्रस्ताव
यह सर्वदलीय बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है जब राजनीतिक दलों के बीच आपदा प्रबंधन और तात्कालिक राष्ट्रीय मुद्दों पर आपसी तालमेल बढ़ाने की लगातार कोशिश चल रही है। इससे पहले सोमवार, 15 सितंबर, 2026 को नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता भीष्मराज अंगदम्बे ने स्पीकर डीपी आर्यल से मुलाकात की थी। उन्होंने स्पीकर से बाढ़ के बाद बचाव, राहत, पुनर्निर्माण और दीर्घकालिक समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय संसदीय समिति के गठन का जोरदार आग्रह किया था। नेपाली कांग्रेस ने इस समिति को एक सप्ताह के भीतर गठित करने का अनुरोध किया है ताकि काम में कोई देरी न हो।
बाढ़ और पुनर्निर्माण से जुड़े बड़े आंकड़े
नेपाल में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। पिछले महीने 26 अगस्त, 2026 को चीन-नेपाल सीमा पर ग्लेशियर के ढहने से भोटेकोशी नदी में भयंकर बाढ़ आ गई थी। इस आपदा में 1,400 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लगभग 5,600 लोग अभी भी लापता हैं। प्रभावित जिलों से अब तक कम से कम 1,386 शव बरामद किए जा चुके हैं। लापता लोगों में 587 विदेशी नागरिक और लगभग 900 लोग जलविद्युत सुरंगों और अन्य ऊर्जा सुविधाओं में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं।
नेपाली विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में आई इस तबाही के बाद देश में पुनर्निर्माण का अनुमानित खर्च 4.78 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। इसमें अगले छह महीनों में अल्पकालिक पुनर्निर्माण और राहत कार्यों के लिए लगभग 57.67 मिलियन डॉलर और दीर्घकालिक पुनर्निर्माण कार्यों के लिए लगभग 4.71 बिलियन डॉलर की जरूरत होगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने भी नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 50 मिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता की अपील की है। हालांकि, 26 अगस्त को सर्वदलीय तंत्र बनाने के समझौते के 18 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक इसका गठन नहीं हुआ है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों और जनता में चिंता बनी हुई है।