नेपाल: 13 प्रस्तावित राजदूतों की संसदीय सुनवाई प्रक्रिया आज से शुरू

नेपाल में कूटनीतिक नियुक्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। सरकार द्वारा विभिन्न देशों के लिए अनुशंसित 13 राजदूतों की संसदीय सुनवाई प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होने जा रही है। यह प्रक्रिया नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 292 के तहत की जा रही है, जिसके तहत राजदूतों की नियुक्ति से पहले संसदीय सुनवाई समिति की मंजूरी अनिवार्य होती है।
संघीय संसद सचिवालय की जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह 11:15 बजे संसदीय सुनवाई समिति की अहम बैठक होगी। इस बैठक में सबसे पहले उन शिकायतों को समिति सदस्यों के बीच बांटा जाएगा, जो इन प्रस्तावित राजदूतों के खिलाफ दर्ज कराई गई हैं। इसके साथ ही, नामित राजदूतों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजनाओं (Action Plans) को भी सदस्यों को सौंपा जाएगा ताकि उनकी योग्यता और विजन का आकलन किया जा सके।
शिकायतों का मामला और नामित चेहरे
दिलचस्प बात यह है कि इन 13 प्रस्तावित राजदूतों के खिलाफ कुल सात शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें से दो शिकायतें ऐसी हैं जो सभी 13 नामित व्यक्तियों के खिलाफ हैं, जबकि पांच शिकायतें अलग-अलग व्यक्तियों के खिलाफ की गई हैं। समिति अब इन शिकायतों की समीक्षा करेगी।
बता दें कि सरकार ने 18 सितंबर को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इन नियुक्तियों की सिफारिश की थी। जिन प्रमुख देशों के लिए राजदूतों के नाम प्रस्तावित हैं, उनमें शामिल हैं:
- भारत: डॉ. निश्चल नाथ पांडे
- चीन: डॉ. कल्याण राज शर्मा
- अमेरिका: चिरन जंग थापा
- ब्रिटेन: पूर्व सेना प्रमुख गौरव शमशेर जंग बहादुर राणा
- सऊदी अरब: गिरि बहादुर सुनार
- ओमान: डॉ. पद्माक्षी राणा
- जापान: जिज्ञान कुमार थापा
- इजरायल: सुरेश कुमार कर्ण
- जर्मनी: शारू जोशी
- स्पेन: प्राप्ति शेरचन
- मलेशिया: चूडामणि खरेल
- दक्षिण कोरिया: प्रो. डॉ. संगम श्रेष्ठ
- श्रीलंका: डॉ. मन्चला झा
अब सभी की नजरें संसदीय सुनवाई समिति पर हैं कि वह इन शिकायतों और कार्ययोजनाओं के बाद किसे हरी झंडी दिखाती है।