नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से हाहाकार, 1,365 लोगों की मौत और 4,077 अभी भी लापता.

Praggya Singh sabal9 September 20262 min read22 viewsWorld
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से हाहाकार, 1,365 लोगों की मौत और 4,077 अभी भी लापता.

पड़ोसी देश नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है, जहां भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस भयंकर आपदा में अब तक 1,365 लोगों की जान जा चुकी है और 4,077 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के विभिन्न प्रभावित इलाकों में प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और पीड़ितों तक मदद पहुंचाई जा सके।

विस्थापितों के लिए बनाए गए अस्थायी शिविर

बाढ़ और भूस्खलन की वजह से अपना घर-बार खो चुके 3,030 विस्थापित लोग इस समय अलग-अलग जिलों में प्रशासन द्वारा बनाए गए अस्थायी शिविरों और होल्डिंग सेंटरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री बांटने, बचे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों की तलाश करने के लिए कुल 7,975 पुलिसकर्मियों को मैदान में उतारा गया है जो दिन-रात राहत कार्यों में जुटे हैं।

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सबसे ज्यादा मौतें चितवन जिले में हुईं

आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बाढ़ के पानी और मलबे से सबसे ज्यादा शव चितवन जिले से बरामद किए गए हैं जहां अकेले 363 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा पूर्वी नवलपरासी में 226, पश्चिमी नवलपरासी में 222, नुवाकोट में 197, रसुवा में 174, गोरखा में 75, धादिङ में 70 और तनहुँ में 38 शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन लगातार इन जिलों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

शवों की पहचान और डीएनए प्रक्रिया

अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए फॉरेंसिक टीमों ने अब तक कुल 2,698 डीएनए नमूने एकत्र किए हैं। इनमें से 1,286 नमूने पीड़ितों के हैं जबकि 1,412 नमूने उनके परिजनों से लिए गए हैं ताकि उनकी सही पहचान हो सके। अब तक प्रशासन ने पहचान और डीएनए प्रक्रिया पूरी करने के बाद कुल 1,147 शवों को सुरक्षित तरीके से दफना दिया है। इसके अलावा, पहचान न हो पाने वाले 1,310 अज्ञात शवों का पूरा विवरण नेपाल पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया गया है ताकि लोग अपनों की जानकारी हासिल कर सकें।

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