नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ का कहर, राहत सामग्री पहुंचाने के लिए शुरू हुई 15 से अधिक उड़ानें

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हालात काफी बिगड़ गए हैं, खासकर भोटेकोशी नदी के आसपास के इलाकों में तबाही देखने को मिल रही है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए बताया कि वहां फंसे लोगों तक राहत और बचाव सामग्री तेजी से पहुंचाई जा रही है। सरकार की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि किसी भी तरह से पीड़ितों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
हेलीकॉप्टर के जरिए राहत और बचाव कार्य तेज
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के अनुसार, आज सुबह 6:30 बजे से ही प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टरों की उड़ानें शुरू कर दी गई थीं। सुबह से लेकर अब तक प्रभावित क्षेत्रों में 15 से अधिक उड़ानें पूरी की जा चुकी हैं। इसके अलावा प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कुछ अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों को भी पूरी तरह तैयार रखा है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उनका इस्तेमाल किया जा सके।
रसुवा से सुरक्षित निकाले गए 116 लोग, 21 भारतीय नागरिक भी शामिल
नेपाली सेना द्वारा चलाए जा रहे राहत अभियान के तहत आज सुबह रसुवा के टिमुरे इलाके से कुल 116 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस बचाव दल में 95 नेपाली नागरिक और 21 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। इसके साथ ही इसी अभियान के दौरान एक स्थानीय सुरंग में फंसे 7 नेपाली नागरिकों को भी सुरक्षित बाहर निकालने में बड़ी सफलता मिली है। प्रशासन लगातार उन जगहों की तलाश कर रहा है जहां लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में भेजी जा रही जरूरी सामग्री
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए जनरेटर, पोर्टेबल मोबाइल टावर, जरूरी चिकित्सा सामग्री, टेंट और लोहे-पत्थर काटने वाली मशीनें भेजी जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बहाल करने के लिए मोबाइल नेटवर्क और मोबाइल फोन चार्जिंग की अस्थायी व्यवस्था बहुत जल्द शुरू कर दी जाएगी, ताकि लोग अपने परिजनों से संपर्क कर सकें।
नुवाकोट में बनाया गया अस्थायी शिविर
प्रशासन ने नुवाकोट में एक अस्थायी शिविर तैयार किया है, जहां बाढ़ पीड़ितों के लिए खाने-पीने और साफ पानी की पुख्ता व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि ड्रोन सर्वे के जरिए प्रभावित सभी क्षेत्रों की सही स्थिति और नुकसान का जायजा लेने का काम अब अंतिम चरण में है। बचाव अभियान के दौरान हेलीकॉप्टर से लोगों को निकालते समय गंभीर रूप से बीमार लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे पहले प्राथमिकता दी जा रही है।