नेपाल त्रासदी: भोटेकोशी नदी में बाढ़ से 768 शव बरामद, 2500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता.

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जहां अब तक 768 शवों को बरामद किया जा चुका है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, इस आपदा में 2,502 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। बचाव कार्य का पांचवां दिन रविवार, 30 अगस्त 2026 को भी लगातार जारी रहा, जिसमें प्रशासन और सुरक्षाबल राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं।
त्रासदी के मुख्य आंकड़े और जिलेवार स्थिति
नेपाल पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक 264 शव चितवन जिले से मिले हैं। इसके अलावा पूर्वी नवलपरासी में 194, पश्चिमी नवलपरासी में 100, गोरखा में 58, नुवाकोट में 52, धादिंग में 50, तनहुँ में 37 और रसुवा में 13 शव बरामद किए गए हैं। राहत और बचाव अभियानों के दौरान अब तक कुल 8,730 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि काठमांडू घाटी के विभिन्न अस्पतालों में इलाज के बाद 160 घायल लोग अपने घर लौट चुके हैं। लापता लोगों में जलविद्युत परियोजनाओं के 933 कर्मचारी और 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें 287 भारतीय नागरिक भी बताए गए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार अब तक 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
सुरक्षाबलों की तैनाती और अंतरराष्ट्रीय मदद
इस विकट परिस्थिति से निपटने के लिए देश भर में कुल 19,895 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। इनमें नेपाल पुलिस के 7,293 जवान, नेपाल सेना के 8,399 और सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 कर्मी दिन-रात राहत कार्यों में लगे हुए हैं। भारत सरकार ने नेपाल की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है और राहत सामग्री के साथ विमान भेजे हैं, जिसमें एक चौथा विमान 11 टन सहायता सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा है। भारत ने बचाव कार्यों में मदद के लिए एक सुरंग तकनीकी दल और डीएनए विश्लेषण के वास्ते फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी भेजी है। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी मदद करते हुए 3.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की जीवन रक्षक मानवीय सहायता प्रदान की है।
प्रशासन की चेतावनी और महामारी का खतरा
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने भोटेकोशी नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी होने की सूचना जारी की है। प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को पूरी सावधानी बरतने का निर्देश दिया है। लगातार मिल रहे शवों के कारण सड़ने और उससे फैलने वाली बीमारियों के खतरे को देखते हुए नेपाल के गृह मंत्रालय ने संबंधित जिलों के साथ मिलकर शवों के त्वरित प्रबंधन की पुख्ता रणनीति तैयार की है। नेपाली गृह मंत्री सुडान गुरुंग ने बचाव प्रयासों की समीक्षा की है, जबकि नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने हिमालयी क्षेत्रों में ग्लोबल वार्मिंग के कारण लगातार बढ़ रहे खतरों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।