नेपाल में भयानक बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, UAE समेत 10 देशों ने बढ़ाई मदद, 469 लोगों की मौत

Aanya28 August 20263 min read28 viewsWorld
नेपाल में भयानक बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, UAE समेत 10 देशों ने बढ़ाई मदद, 469 लोगों की मौत

नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद दुनियाभर के देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। 26 अगस्त 2026 को शुरू हुई भीषण भोटेकोशी नदी की बाढ़ और भूस्खलन की वजह से पूरे देश में भारी तबाही मच गई है। नेपाल सरकार और राहत एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक 28 अगस्त 2026 तक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है, जबकि लगभग 1,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 28 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इस भयंकर आपदा के कारण देश का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और कई इलाकों का संपर्क टूट गया है।

बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान और राहत कार्यों में तेजी

इस आपदा ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार देश भर में 41 पुल, लगभग 40 किलोमीटर पक्की सड़कें, 9 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और महत्वपूर्ण टेलीकॉम नेटवर्क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने विदेशी खोज और बचाव टीमों के प्रस्ताव को विनम्रता से अस्वीकार कर दिया है और देश की अपनी सेना, सशस्त्र पुलिस बल तथा नेपाल पुलिस मोर्चा संभाले हुए है। सरकार ने नुकसान के आकलन और राहत कार्यों की देखरेख के लिए 12 विशेष टीमें बनाई हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री राहत कोष में अब तक 2.34 अरब रुपये जमा हो चुके हैं, जबकि प्रशासन ने भोटेकोशी नदी के जलस्तर में फिर से बढ़ोतरी होने पर नया बाढ़ अलर्ट जारी किया है।

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UAE और भारत समेत दुनिया भर के देशों की मदद

संकट की इस घड़ी में खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने नेपाल की मदद के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan के निर्देश पर देश ने नेपाल के लिए 10 मिलियन डॉलर (करीब 1 करोड़ डॉलर) की आपातकालीन सहायता राशि मंजूर की है। वहीं भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री के रूप में कुल 47.5 टन वजन की दो खेप नेपाल भेजी हैं। इन सामग्रियों में दवाइयां, भोजन, अस्थायी तंबू, कंबल, हाइजीन किट और सोलर लैंप शामिल हैं। यूएई और भारत के अलावा पाकिस्तान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, चीन, ब्रिटेन, कनाडा, जापान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है, जिसकी पूरी जानकारी नेपाल विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और संयुक्त राष्ट्र का सहयोग

संयुक्त राष्ट्र ने भी नेपाल के इस मुश्किल समय में पूरा समर्थन देने का ऐलान किया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने मदद का भरोसा दिलाया है, और यूएन रिलीफ चीफ Tom Fletcher ने सेंट्रल इमरजेंसी रिस्पॉन्स फंड से 20 लाख डॉलर जारी किए हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज (IFRC) ने 10 लाख स्विस फ़्रैक यानी करीब 1.24 मिलियन डॉलर जारी करने के साथ 31 मिलियन डॉलर की अपील भी शुरू की है। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने आपदा के 24 घंटे के भीतर अपनी आपातकालीन टीम मैदान में उतार दी थी। विश्व बैंक ने रिकवरी के लिए लगभग 25 अरब रुपये सुरक्षित किए हैं, जबकि यूनिसेफ ने प्रभावित परिवारों और बच्चों की मदद के लिए 17.2 मिलियन डॉलर जुटाने की अपील की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी जरूरी दवाइयों और तंबुओं की खेप भेजी है जो 1,000 लोगों के लिए पर्याप्त है। इस संकट से जुड़ी विस्तृत जानकारी ReliefWeb की रिपोर्ट में साझा की गई है।

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