Nepal Flood Update: नेपाल में भोटे कोशी नदी की बाढ़ में फंसे 21 भारतीय सुरक्षित बाहर, राहत अभियान जारी.

नेपाल के रसुवा जिले की भोटे कोशी नदी में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 9:00 बजे स्थानीय समय पर आई विनाशकारी बाढ़ के बाद स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में नेपाल सरकार, नेपाली सेना और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। इसी बीच नेपाली सेना ने एक बड़े बचाव अभियान के तहत हेलीकॉप्टर और जमीनी रास्तों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिसमें 21 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है।
युद्धस्तर पर जारी है खोज और बचाव अभियान
नेपाली सेना के आधिकारिक बयानों के अनुसार, गुरुवार, 27 अगस्त 2026 की सुबह तक कुल 123 लोगों को हवाई मार्ग और अन्य अभियानों के जरिए सुरक्षित निकाला गया। अधिकारियों ने बताया कि टिमुरे क्षेत्र से 95 लोगों, हाकु स्थित एक जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे 7 लोगों और मैलुंग सुरंग से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस पूरे अभियान में नेपाली सेना पांच हेलीकॉप्टरों का लगातार उपयोग कर रही है। इसके अलावा, सुरक्षा बलों के 3,318 पुलिसकर्मी और 2,000 से अधिक नेपाली सेना के जवान नुवाकोट से चितवन तक के प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
आधिकारिक आंकड़े और नुकसान की स्थिति
गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र और नेपाल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न जिलों से अब तक कुल 165 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें चितवन में 65, धाडिंग में 27, नवलपरासी पूर्व में 26, गोरखा में 20, नुवाकोट में 12, तनहुं में 9, नवलपरासी पश्चिम में 5 और रसुवा में 2 शव शामिल हैं। इसके अलावा, सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय नागरिकों सहित कुल 826 व्यक्तियों की तलाश अभी भी जारी है, जिनमें 85 सुरक्षाकर्मी और सैकड़ों पर्यटक शामिल हैं।
सरकार द्वारा उठाए गए कदम और अंतरराष्ट्रीय सहायता
इस बड़ी आपदा को देखते हुए नेपाल सरकार ने रसुवा जिले के प्रभावित क्षेत्र को तीन महीने के लिए आपदा संकटग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया है कि बाढ़ में घायल हुए सभी लोगों को मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने बचाए गए लोगों के प्राथमिक उपचार के लिए रसुवा के धुंचे और नुवाकोट के विदुर स्थित नेपाली सेना के बैरकों में शिविर स्थापित किए हैं, जबकि गंभीर रूप से घायलों को काठमांडू भेजने की पूरी तैयारी की जा रही है।
भारत और नेपाल के आपसी संबंधों को ध्यान में रखते हुए, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास प्रभावित भारतीय नागरिकों के बचाव और राहत कार्यों के लिए नेपाल सरकार के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर +9779851316807 और +9779709107500 जारी किए गए हैं। साथ ही, अमेरिका ने इस आपदा से निपटने के लिए 500,000 अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन सहायता देने की घोषणा की है और बांग्लादेश ने भी पूर्ण सहयोग की पेशकश की है। गृह मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे आपदा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।