नेपाल बुधी गंडकी में अचानक बाढ़: पांच लापता, पुल और घर बहे

गोरखा (नेपाल): नेपाल की बुधी गंडकी नदी में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। 11 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब चार बजे गोरखा जिले के चुमचेट इलाके के पास भूस्खलन से नदी का बहाव रुक गया और वहां बना प्राकृतिक बांध टूट गया। इसके बाद पानी तेज़ी से निचले इलाकों की ओर बढ़ा। अधिकारियों के मुताबिक इस आपदा में पांच लोग लापता हैं और घरों के साथ बुनियादी ढांचे को भी बड़ा नुकसान हुआ है।
बचाव अभियान में सेना और पुलिस जुटी
नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत और बचाव में लगी हैं। अब तक 82 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें नौ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बताया कि भूस्खलन के खतरे वाले जगत इलाके से छह लोगों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। सेना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 48 लोगों को निकालने में मदद की।
लापता लोगों की तलाश जारी है। सलेरी, जगत बाजार, घट्टीखोला और आरुघाट समेत कई इलाकों में हेलीकॉप्टर और जमीनी दल भेजे गए हैं। अनुमान है कि 35 से 45 मकान पानी में बह गए हैं।
पानी के तेज़ बहाव ने चार पुल तोड़ दिए, जिनमें झूलने वाले और स्टील के पुल भी शामिल हैं। तीन जलविद्युत परियोजनाओं को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। सलेरी में 341 मेगावाट की बुधी गंडकी परियोजना के ढांचे पर भी असर पड़ा है। टेलीफोन टावर और बिजली के खंभे गिरने से कई इलाकों में संपर्क टूट गया है। मनास्लू ट्रेक की ओर जाने वाले पैदल रास्ते बह जाने से कई पर्यटक फंस गए हैं।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने गोरखा, धादिंग, तनहू, चितवन और पूर्वी व पश्चिमी नवलपरासी के लोगों को एसएमएस भेजकर नदी किनारे से हटकर ऊंचे इलाकों में जाने की चेतावनी दी है। राहत सामग्री सड़क और हवाई मार्ग से पहुंचाई जा रही है। 50 सदस्यों की आपदा प्रतिक्रिया टीम तैयार है और गोरखा, लमजुंग व तनहू में स्वास्थ्य कर्मी तैनात किए गए हैं।
भूवैज्ञानिकों समेत एक तकनीकी दल ड्रोन से आपदा स्थल की जांच कर रहा है। इस काम में अंतरराष्ट्रीय एकीकृत पर्वतीय विकास केंद्र (ICIMOD) की मदद ली जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे खतरों को कम करने के उपाय खोजे जा सकें।
यह घटना उस क्षेत्र में बाढ़ की एक और कड़ी है। इससे पहले अगस्त 2026 में भी भारी बाढ़ आई थी, और अप्रैल 2024 में भी इस इलाके में बड़ी आपदा दर्ज हुई थी।