Nepal Cabinet ने भारत, चीन और अमेरिका समेत 13 देशों के लिए नए राजदूतों के नाम की सिफारिश की.

Praggya Singh sabal18 September 20263 min read41 viewsWorld
Nepal Cabinet ने भारत, चीन और अमेरिका समेत 13 देशों के लिए नए राजदूतों के नाम की सिफारिश की.

नेपाल कैबिनेट ने शुक्रवार को भारत, चीन और अमेरिका समेत कुल 13 देशों के लिए नए राजदूतों के नामों की सिफारिश कर दी है। काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की शुक्रवार दोपहर को हुई बैठक में इन सभी नामों पर मुहर लगाई गई, जिन्हें अब आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। सरकार के इस बड़े फैसले से देश की कूटनीतिक और विदेश नीति को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इन सभी प्रस्तावित नामों को अलग-अलग क्षेत्रों में उनके बेहतरीन अनुभव और विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए चुना गया है।

भारत और चीन के लिए खास चेहरों पर भरोसा

नेपाल सरकार ने भारत के लिए दक्षिण एशियाई अध्ययन केंद्र के निदेशक और विदेश नीति के विद्वान निश्चल नाथ पांडे को राजदूत के रूप में सिफारिश किया है। पांडे इससे पहले 1998 से 2006 तक इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन अफेयर्स के कार्यकारी निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और उन्होंने सरकार को विदेश नीति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन जैसे अहम मुद्दों पर सलाह भी दी है। वहीं दूसरी ओर, चीन के लिए नेपाल-चीन मामलों के विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री कल्याण राज शर्मा का नाम आगे बढ़ाया गया है। शर्मा के पास फुडन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री है और वे नेपाल-चीन फ्रेंडशिप फोरम समेत कई संगठनों से जुड़े हुए हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों के लिए भी नाम तय

अमेरिका के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ चिरन जंग थापा को प्रस्तावित किया गया है। थापा के पास सुरक्षा नीति, संकट प्रबंधन और कूटनीति में दो दशक का लंबा अनुभव है और उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय मामलों में मास्टर डिग्री हासिल की है। यूनाइटेड किंगडम यानी ब्रिटेन के लिए पूर्व सेना प्रमुख गौरव शमशेर जंग बहादुर राणा को राजदूत बनाया गया है। राणा ने 2012 से 2015 तक नेपाली सेना प्रमुख के रूप में काम किया था और उन्होंने अपने चार दशक से अधिक के करियर में कई बड़े अभियानों की कमान संभाली थी। इसके अलावा जर्मनी के लिए नीति विशेषज्ञ शरु जोशी का नाम सामने आया है, जिनके पास श्रम प्रवासन और लैंगिक समानता में 25 साल से ज्यादा का अनुभव है।

अन्य देशों के लिए नियुक्त किए गए विशेषज्ञ

सूची में शामिल अन्य नामों में जापान के लिए जिज्ञान कुमार थापा, इस्रायल के लिए सुरेश कुमार करना, स्पेन के लिए प्राप्ति शेरचन, ओमान के लिए पद्माक्षी राणा, मलेशिया के लिए चुदामणि खरेल, दक्षिण कोरिया के लिए संगम श्रेष्ठ, श्रीलंका के लिए मंचला झा और सऊदी अरब के लिए गिरी बहादुर सुनार के नाम शामिल हैं। इन सभी उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लंबा काम किया है और सरकार को उम्मीद है कि वे विदेश में देश के हितों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाएंगे।

आगे की प्रक्रिया और जरूरी मंजूरी

इन सभी सिफारिशों को राष्ट्रपति द्वारा आधिकारिक रूप से नियुक्त किए जाने से पहले संसदीय सुनवाई समिति (Parliamentary Hearing Committee) से मंजूरी मिलना अनिवार्य है। इसके अलावा इन नियुक्तियों के लिए संबंधित देशों से औपचारिक सहमति यानी एग्रीमेंट (Agrément) की भी आवश्यकता होगी। इस पूरी प्रक्रिया के पूरी होने के बाद ही सभी नए राजदूत अपने-अपने देशों में आधिकारिक तौर पर पदभार संभालेंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए पाठक ANI News की मूल रिपोर्ट देख सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment