नेपाल में भारतीय राजदूत ने दिया चिलिमे सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन का ताजा अपडेट, ऐसे चल रहा है बचाव कार्य

नेपाल की चिलिमे सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारत और नेपाल की टीमें मिलकर एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. इस मुश्किल घड़ी में दोनों देशों के बचावकर्मी दिन-रात एक करके काम कर रहे हैं. इस महत्वपूर्ण बचाव अभियान की ताजा जानकारी नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की है, जिससे पता चलता है कि टीमें किस तरह चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ रही हैं. यह ऑपरेशन दिखाता है कि भारत अपने पड़ोसी देश की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.
राजदूत नवीन श्रीवास्तव के अनुसार, बचाव दल सुरंग के भीतर जमा भारी मलबे और कीचड़ को हाथ से हटाने में लगातार जुटे हैं. सुरंग के अंदर की ढलान की वजह से बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं. इन चुनौतियों को कम करने और बचाव दल की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, टीमों ने सुरंग के भीतर एचडीपीई पाइप लगाए हैं. इन पाइपों की मदद से बचावकर्मी सुरंग के अंदर बेहतर तरीके से चल-फिर पा रहे हैं, जिससे मलबे को हटाने और फंसे लोगों तक पहुंचने में आसानी हो रही है.
इसके साथ ही, बचाव कार्य को और गति देने के लिए एक और महत्वपूर्ण काम जारी है. सुरंग के मुहाने तक बड़ी और भारी मशीनरी पहुंचाने के लिए स्याफ्रुबेंसी से सुरंग पोर्टल तक एक अस्थायी रास्ता बनाया जा रहा है. इस रास्ते को तैयार करने के लिए नियंत्रित विस्फोटों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि तेजी से मार्ग खोला जा सके और कोई अप्रत्याशित घटना न हो. एक बार यह अस्थायी मार्ग पूरी तरह से तैयार हो जाने के बाद, भारी मशीनरी को सुरंग के अंदर ले जाना संभव हो जाएगा. इससे मलबा हटाने का काम बहुत तेजी से हो पाएगा और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के अभियान को नई रफ्तार मिलेगी.
भारत और नेपाल की टीमें इस पूरे बचाव अभियान में लगातार एक-दूसरे से तालमेल बिठाकर काम कर रही हैं. यह साझा प्रयास दर्शाता है कि दोनों देश संकट की इस घड़ी में एक साथ खड़े हैं और मिलकर इस मुश्किल चुनौती का सामना कर रहे हैं. बचाव कार्य की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा.