Nepal Flood Update: नेपाल और चीन में हिमालयी बाढ़ से मची तबाही, मौत का आंकड़ा 800 पहुंचा और हज़ारों लोग लापता.

Nura Basta30 August 20263 min read16 viewsWorld
Nepal Flood Update: नेपाल और चीन में हिमालयी बाढ़ से मची तबाही, मौत का आंकड़ा 800 पहुंचा और हज़ारों लोग लापता.

हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और बर्फ तथा चट्टान के खिसकने से आए भयंकर बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। रविवार, 30 अगस्त 2026 तक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 800 हो गई है, जबकि लगभग 3,000 लोग अभी भी लापता हैं। यह आपदा 26 अगस्त 2026 को शुरू हुई थी, जिसने नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में भारी तباही मचाई है। अकेले नेपाल में इस प्रलय के कारण 788 लोगों की जान चली गई और 2,502 लोग लापता हैं, जबकि चीनी अधिकारियों ने तिब्बत क्षेत्र में 16 लोगों की मौत और 546 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। इस दिल दहला देने वाली घटना ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।

लापता लोगों में विदेशी नागरिक और भारतीय भी शामिल

इस भीषण आपदा में लापता होने वाले लोगों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता हैं, जिनमें 104 नेपाली, 49 भारतीय, 33 लातवियाई, 18 अमेरिकी और 15 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा इस सूची में 275 भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग भी शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर लोगों के लापता होने से उनके परिवारों में भारी चिंता का माहौल बना हुआ है और हर कोई अपनों की सलामती की दुआ मांग रहा है।

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राहत और बचाव कार्यों में तेजी

रविवार को बचाव अभियान का पांचवां दिन था और राहत टीमें त्रिशूल 3ए और 3बी साइटों पर सुरंगों में फंसे 100 से अधिक जलविद्युत श्रमिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने लापता लोगों का पता लगाने को देश की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। सरकार ने सुरंग बचाव, फोरेंसिक डीएनए विश्लेषण और शवगृह प्रशीतन के लिए विशेष सहायता का अनुरोध किया है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख धर्म राज उप्रेती ने पुष्टि की कि upstream पानी के प्रवाह में वृद्धि की रिपोर्ट मिलने के बाद अधिकारियों ने पहले ही बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी थी। राहत कार्यों में मदद के लिए भारत की तरफ से 11 सदस्यीय सुरंग बचाव दल और 57 मीट्रिक टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसके अलावा अमेरिका ने $3.6 मिलियन और ऑस्ट्रेलिया ने $3 मिलियन की मानवीय सहायता देने का वादा किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जल जनित बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए $150,000 के आपातकालीन फंड जारी किए हैं और आवश्यक मेडिकल किट भेजे हैं, जिसकी अधिक जानकारी आप WHO की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

व्यापक बुनियादी ढांचे का नुकसान और पुनर्निर्माण का खर्च

इस प्राकृतिक आपदा ने देश की बुनियादी संरचना को भारी नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ की वजह से 32 पुल और लगभग 25 मील लंबी सड़कें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। इस तबाही से लगभग 90,000 लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने अनुमान लगाया है कि देश में पुनर्निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए $4 अरब से $5 अरब के बीच की भारी राशि की आवश्यकता होगी। शनिवार को हेलीकॉप्टर का संचालन फिर से शुरू होने के बाद, सरकार ने रसुवा और नुवाकोट में 18 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां 3,500 विस्थापित लोगों को ठहराया गया है। दफनाए जाने के कार्य शुरू होने के साथ ही भविष्य में पहचान आसान बनाने के लिए बरामद किए गए शवों से डीएनए के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। आपदा से जुड़ी आधिकारिक और ताजा जानकारी के लिए आप नेपाल के विदेश मंत्रालय की MOFA Nepal Portal पर जा सकते हैं, और इस पूरी त्रासदी की विस्तृत रिपोर्ट ReliefWeb Report पर उपलब्ध है।

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