नेपाल चीन व्यापार नाका खोलने के लिए चीनी राजदूत का मुस्तांग दौरा

नेपाल और चीन के बीच व्यापारिक गतिविधियों को गति देने और बंद पड़े सीमा नाकों को फिर से खोलने की दिशा में कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। इसी सिलसिले में नेपाल-चीन के उत्तरी कोरला नाके के रास्ते चीन के राजदूत ने ऊपरी मुस्तांग का दौरा किया है। बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण उत्तरी सीमा के कई महत्वपूर्ण मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते दोनों देशों के बीच आवाजाही और व्यापार पर गहरा असर पड़ा है।
कोरला नाके की स्थिति का जायजा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चीनी राजदूत चांग माओमिंग एक उच्चस्तरीय दल के साथ लोमान्थांग पहुंचे हैं। इस सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में चीनी अधिकारियों के साथ-साथ नेपाल स्थित चीनी दूतावास के कर्मचारी भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने इस दौरे को लेकर पूरी तैयारी की है और मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था लोमान्थांग के एक स्थानीय होटल में की गई है।
स्थानीय जानकारों का मानना है कि बाढ़ के कारण तातोपानी और रसुवागढ़ी-केरुंग जैसे प्रमुख सीमा नाके पहले से ही बंद हैं, ऐसे में मुस्तांग के रास्ते कोरला नाके का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इस उच्चस्तरीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्र की समग्र स्थिति का निरीक्षण करना और कोरला नाके को पूरी तरह से व्यापार के लिए खोलना है।
व्यापार और आवागमन को पटरी पर लाने की पहल
आपदा के चलते उत्तरी सीमाओं पर बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे सीमावर्ती व्यापार ठप सा हो गया है। हाल ही में चीनी दूतावास की पहल पर तातोपानी नाके की सड़क का भी निरीक्षण किया गया था। अब मुस्तांग के कोरला नाके की स्थिति का आंकलन करने के बाद यह तय किया जाएगा कि किन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर दोबारा शुरू किया जा सकता है।
चीनी राजदूत का यह दौरा इस बात का संकेत है कि दोनों देश जल्द ही वैकल्पिक व्यापारिक मार्गों को बहाल करने को लेकर गंभीर कदम उठा सकते हैं। इस पहल से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के साथ-साथ दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को भी एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।