नेपाल आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 1344 हुई, अभी भी पांच हजार लोग लापता और बचाव अभियान जारी.

नेपाल में 26 अगस्त को आए विनाशकारी हिमस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और इस बड़ी त्रासदी के दसवें दिन शनिवार को बाढ़ प्रभावित कई जिलों से दिल दहलाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। नेपाल सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में अब तक कुल 1,344 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इस भयंकर प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को पूरी तरह से उजाड़ दिया है और सरकार तथा राहत एजेंसियां लगातार हालात को संभालने की कोशिश में जुटी हुई हैं।
बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव कार्य और बरामद शवों के आंकड़े
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से शनिवार दोपहर 1 बजे जारी किए गए ताजा अपडेट के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान कई प्रमुख जिलों में देखने को मिला है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रसुवा जिले में 160, नुवाकोट में 192, धादिंग में 67, गोरखा में 73, तनहुँ में 38, नवलपरासी पूर्व में 222, नवलपरासी पश्चिम में 230 और चितवन में 360 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा राजधानी काठमांडू में इलाज के दौरान 2 लोगों की मौत होने की पुष्टि की गई है। राहत अधिकारियों ने बताया कि अब तक मिले कुल शवों में 269 महिलाएं, 489 पुरुष, 52 बालिकाएं और 33 बालक शामिल हैं। इसके साथ ही खोजबीन के दौरान 501 मानव अवशेष भी बरामद किए गए हैं, जिनकी शिनाख्त के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भारी तबाही के कारण अब तक केवल 96 शवों की ही पहचान की जा सकी है, जिन्हें औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है.
लापता लोगों की तलाश और राहत अभियान
इस भीषण आपदा के बाद से अभी भी करीब 5,000 लोग संपर्कविहीन बने हुए हैं और उनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पा रही है। लापता होने वालों में रसुवा और नुवाकोट के स्थानीय नागरिकों के अलावा 589 विदेशी नागरिक तथा लगभग 100 सुरक्षाकर्मी और विभिन्न कर्मचारी भी शामिल हैं। लोगों की तलाश के लिए सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और नेपाल सेना, नेपाल पुलिस तथा सशस्त्र पुलिस बल के जवान मिलकर युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। राहत और बचाव कार्यों के दौरान अब तक कुल 13,089 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और प्रभावित इलाकों में लगातार मदद पहुंचाई जा रही है ताकि फंसे हुए अन्य लोगों को भी जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।