नेपाल में बाढ़ के बीच आया 5.0 तीव्रता का भूकंप, राहत और बचाव कार्य हुआ प्रभावित

नेपाल में पहले से ही भीषण बाढ़ और तबाही का सामना कर रहे लोगों के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है। मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को रात 9:38:39 बजे नेपाल के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में 5.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र मु Mustang जिले के लोमंथांग में था, जो राजधानी काठमांडू से लगभग 375 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इस भूकंप की गहराई 143 किलोमीटर थी, जिसके झटके मनांग, डोल्पा और म्याग्दी जिलों तक महसूस किए गए। हालांकि, इस नए झटके से किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं मिली है, लेकिन इस आपदा ने प्रशासन और राहत एजेंसियों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।
बाढ़ और हिमस्खलन से पहले ही मचा है हाहाकार
यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब पूरा देश नेपाल-चीन सीमा के पास आए एक बड़े बर्फ-चट्टान हिमस्खलन के कारण भीषण बाढ़ और संकट से जूझ रहा है। इस हिमस्खलन की वजह से त्रिशूल घाटी में भारी मलबा फैल गया था, जिससे चारों तरफ तबाही मच गई। नेपाल पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भूकंप के दिन रात 8:00 बजे तक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,366 हो चुकी है। इसके अलावा, कुल 4,077 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 3,469 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता नेपाली नागरिकों में 2,907 पुरुष और 562 महिलाएं हैं, जबकि 598 विदेशी नागरिक भी लापता हैं जिनमें 269 पुरुष और 329 महिलाएं शामिल हैं।
राहत और बचाव कार्यों में जुटे हजारों सुरक्षाकर्मी
देश में मची इस भारी तबाही के बीच आपातकालीन सेवाएं लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत पहुंचाने के काम में जुटी हुई हैं। अब तक आपातकालीन सेवाओं ने 9,254 लोगों को सुरक्षित बचाया है या उनका इलाज किया है। स्थिति को संभालने और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए जमीन पर कुल 7,912 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो राहत सामग्री बांटने, शवों को बाहर निकालने और सड़कों से मलबा हटाकर रास्ता साफ करने का काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने फोरेंसिक जांच के लिए 1,147 अज्ञात शवों को सुरक्षित रखा है और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए 1,270 पीड़ितों का विवरण ऑनलाइन भी साझा किया है। इस आपदा ने देश के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसमें 11 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और विभिन्न सुरंग नेटवर्क के अंदर काम करने वाले 121 श्रमिक लापता हैं। इस पूरी घटना और राहत कार्यों से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।