नेपाल में भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड से तबाही, मरने वालों की संख्या 788 हुई और 275 भारतीय लापता.

Sushma Kumari31 August 20263 min read25 viewsIndia
नेपाल में भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड से तबाही, मरने वालों की संख्या 788 हुई और 275 भारतीय लापता.

नेपाल में आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड्स और लैंडस्लाइड की वजह से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है और 30 अगस्त 2026 तक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 तक पहुंच गई है। यह भयानक आपदा सबसे पहले 26 अगस्त 2026 को इस पर्वतीय क्षेत्र में आई थी, जिसने चीन-नेपाल सीमा पर स्थित Gyirong checkpoint को पूरी तरह से तबाह कर दिया और त्रिशूल नदी के किनारे बसे कई गांवों और बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयंकर तबाही के कारण नेपाल में 2,500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि तिब्बत के इलाके में भी 546 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।

भारतीय नागरिकों की स्थिति और लापता लोगों का आंकड़ा

भारत के विदेश मंत्रालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दिल दहला देने वाली प्राकृतिक आपदा में कम से कम 275 भारतीय नागरिक वर्तमान में लापता हैं। इसके अलावा लगभग 128 ऐसे लोग भी शामिल हैं जो मूल रूप से भारतीय मूल के हैं लेकिन उनके पास किसी अन्य देश की नागरिकता है, और वे भी इस समय बेसुराग बने हुए हैं। इस संकट की घड़ी में बचाव टीमों ने तेजी से काम करते हुए अब तक कम से कम 149 से 180 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। 30 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में लगभग 108 भारतीयों के सुरक्षित रेस्क्यू होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 50 ऐसे भारतीय लोगों से भी संपर्क दोबारा स्थापित कर लिया गया है जो पहले बिल्कुल ट्रेस नहीं हो पा रहे थे और जिनके बारे में परिवार वाले बहुत परेशान थे।

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तीर्थयात्रियों की वापसी और भारत सरकार की मदद

इस संकट के दौरान प्रभावित होने वाले लोगों में आंध्र प्रदेश के 14 तीर्थयात्री भी शामिल थे, जिनमें सात स्थानीय निवासी और सात एनआरआई लोग थे। इसके अलावा 31 Kailash Mansarovar pilgrims सुरक्षित वापस लौटकर 30 अगस्त को हैदराबाद पहुंच चुके हैं। भारत सरकार ने इस मुश्किल समय में नेपाल की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है और भारी मात्रा में मानवीय सहायता पहुंचाई है। भारत की तरफ से 57 टन से ज्यादा आपातकालीन राहत सामग्री और इसके साथ ही 37.5 टन HADR मैटेरियल, जरूरी दवाइयां और खाने-पीने के पैकेट संकट से निपटने के लिए नेपाल भेजे गए हैं ताकि पीड़ित लोगों को तुरंत राहत मिल सके। इस पूरी आपदा और राहत कार्यों के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप News On Air की रिपोर्ट देख सकते हैं।

नदियों का बढ़ता जलस्तर और प्रशासन की चेतावनी

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने लगातार नए अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि Bhote Koshi River में पानी का बहाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के आसपास रहने वाले सभी स्थानीय लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे बहुत ज्यादा सतर्क रहें क्योंकि नदी प्रणाली के स्रोत के पास एक बड़ी बैरियर झील के टूटने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने खास हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं जिन पर संपर्क किया जा सकता है, ये नंबर +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117 हैं।

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