Nepal Flash Floods: नेपाल की भयानक बाढ़ में सैकड़ों भारतीय पर्यटक लापता, पुडुचेरी के सांसद ने लगाई मदद की गुहार.

नेपाल और तिब्बत सीमा के पास आए भीषण flash floods और लैंडस्लाइड के कारण बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक लापता हो गए हैं। इस आपदा के बाद पुडुचेरी के कांग्रेस सांसद और पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख V. Vaithilingam ने 28 अगस्त 2026 को लोक निवास में उपराज्यपाल K. Kailashnathan से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नेपाल में लापता हुए पुडुचेरी के तीन नागरिकों को ढूंढने के लिए सरकारी स्तर पर तुरंत दखल देने की औपचारिक मांग की। सांसद के साथ लापता लोगों के रिश्तेदार भी मौजूद थे, जिन्हें उपराज्यपाल की ओर से पूरा भरोसा दिलाया गया है कि प्रशासन इस मामले को लेकर लगातार भारतीय केंद्र सरकार के संपर्क में है और प्रभावित लोगों की सुरक्षा पर पूरी नजर रखी जा रही है।
विदेश मंत्रालय से मांगी गई व्यापक मदद
इस गंभीर संकट को देखते हुए गृह मंत्री A. Namassivayam ने विदेश मंत्री S. Jaishankar को आधिकारिक तौर पर पत्र लिखा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से अपील की है कि लापता नागरिकों की तलाश और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जाए। यह पूरी आपदा 26 अगस्त 2026 को उस समय शुरू हुई जब नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक भयानक हिमस्खलन यानी avalanche की वजह से भोटेकोशी नदी की एक सहायक नदी का पानी रुक गया और अचानक बाढ़ आ गई। नेपाल के विदेश मंत्री Shisir Khanal की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा की वजह से करीब 300 भारतीय पर्यटक उन हजारों लोगों में शामिल हैं जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।
विभिन्न राज्यों के नागरिक और तीर्थयात्री हैं लापता
नेपाल में आए इस प्रलयकारी सैलाब की चपेट में देश के अलग-अलग हिस्सों से गए लोग आए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, लापता होने वालों में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लगभग 50 तीर्थयात्री भी शामिल हैं। इसके अलावा सम्राट ट्रेवल्स एजेंसी के 59 लोग भी सूची में हैं, जिसमें कोलकाता का 32 सदस्यों का एक पूरा समूह भी शामिल है। इस हादसे में केरल के 53 लोग, बेंगलुरु के 5 नागरिक, और तमिलनाडु के 57 में से 37 पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही, ईशा फाउंडेशन ने भी जानकारी दी है कि इस क्षेत्र के एक इमिग्रेशन सेंटर से उनके संगठन के 77 सदस्य लापता हैं। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप News On Air की रिपोर्ट में देख सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी
स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, आपदा प्रभावित क्षेत्र में 1,300 से अधिक लोग लापता हैं, जबकि इस हादसे में मरने वालों की पुष्टि की संख्या 165 से 270 के बीच बताई जा रही है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने 27 अगस्त तक कुल 823 लोगों के लापता होने की सूचना दी थी, जिसमें 579 घरेलू और विदेशी पर्यटक शामिल हैं। सीमा के दूसरी तरफ चीनी अधिकारियों ने भी 558 लोगों के लापता होने की बात कही है, जिनमें विदेशी नागरिकों की बड़ी संख्या शामिल है। कुल मिलाकर 29 देशों के 476 नागरिक इस आपदा जोन में लापता हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि उनके 90 अमेरिकी पर्यटक लापता हैं जिनमें से 3 को बचा लिया गया है और अमेरिका ने राहत कार्य के लिए 500,000 डॉलर की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने भी नेपाली सरकार को हरसंभव मानवीय सहायता देने की पेशकश की है। वर्तमान में नेपाल सेना की अगुवाई में और प्राइवेट हेलीकॉप्टरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है, हालांकि खराब और लगातार चुनौतीपूर्ण मौसम की वजह से राहत कार्यों में काफी रुकावट आ रही है।