Nepal Flood Update: नेपाल में भयानक बाढ़ से तबाही, 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता, मदद भेज रहा है भारत.

नेपाल में आई भीषण और catastrophic बाढ़ की वजह से हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं और मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि नेपाल में आपदा के कारण 1,294 लोगों की जान जा चुकी है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नेपाल में हर तरफ पानी भरने से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू और राहत कार्य
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने जानकारी दी है कि अब तक कुल 166 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाव दल ने हाल ही में त्रिशूल बाजार से एक ही परिवार के तीन सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनके नाम Abhijit Suresh Pawar, Dipika Abhijit Pawar और उनका पांच साल का बच्चा Samarth Abhijit Pawar हैं। नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास अब इन सभी बचाए गए लोगों को हवाई जहाज के जरिए वापस भारत भेजने की पूरी प्रक्रिया को आसान बना रहा है ताकि वे जल्द से जल्द अपने घर सुरक्षित पहुंच सकें।
लापता लोगों की संख्या और चीन सीमा से लौटे भारतीय
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नेपाल भर में केवल भारतीय ही नहीं बल्कि लगभग 5,000 लोग ऐसे हैं जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है और वे लापता हैं। वहीं दूसरीतर्फ, राहत और बचाव अभियानों के दौरान अब तक 12,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इसके अलावा, आधिकारिक सूत्रों ने यह भी कंफर्म किया है कि 1,907 भारतीय नागरिकों ने सुरक्षित तरीके से चीन से नेपाल में प्रवेश किया है। राहत की बात यह है कि तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में वर्तमान में कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है और सभी सुरक्षित हैं।
भारत सरकार की तरफ से भेजी जा रही है अतिरिक्त राहत सामग्री
नेपाल में हालात को देखते हुए भारत ने अपनी मानवीय सहायता और राहत कार्यों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। भारत ने 3 सितंबर 2026 को राहत सामग्री की छठी खेप भेजी, जिसमें 21 टन से ज्यादा जरूरी सामान शामिल था। इस खेप में फोरेंसिक किट और मेडिकल उपकरण जैसी बेहद जरूरी चीजें भेजी गईं। इस नवीनतम डिलीवरी के साथ ही भारत की तरफ से भेजी गई कुल मानवीय सहायता अब लगभग 95 टन तक पहुंच गई है, जिसे कुल सात विमानों के जरिए नेपाल पहुंचाया गया है। प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि भारत नेपाली सरकार और वहां के स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है ताकि राहत कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए और काम तेजी से हो सके। नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारतीय सरकार अब वहां अतिरिक्त फोरेंसिक किट और बेली ब्रिज भेजने की तैयारी कर रही है ताकि बचाव और राहत के कामों को और अधिक गति दी जा सके। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप ANI News पर पढ़ सकते हैं।