Nepal Flood Update: नेपाल में बाढ़ का कहर जारी, आठ साल का बच्चा जंगल में पेड़ पर चढ़कर बचा.

Praggya Singh sabal28 August 20263 min read12 viewsWorld
Nepal Flood Update: नेपाल में बाढ़ का कहर जारी, आठ साल का बच्चा जंगल में पेड़ पर चढ़कर बचा.

नेपाल में हाल ही में आए भयानक फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ के बीच इंसानी बहादुरी और चमत्कार का एक ऐसा मामला सामने आया है जो किसी को भी हैरान कर देगा। नेपाल के रसुवा जिला में रहने वाले आठ साल के बच्चे जोयल घाले ने अपनी सूझबूझ और हिम्मत से बाढ़ के तेज पानी के बीच अपनी जान बचाई। जब अचानक पानी का बहाव तेज हुआ और चारों तरफ तबाही मच गई, तो इस छोटे से बच्चे ने घबराने के बजाय जंगल की तरफ दौड़ लगाई और सुरक्षित रहने के लिए एक ऊंचे पेड़ पर जा चढ़ा। पानी का स्तर जब कम हुआ और राहत कार्य शुरू हुए, तो उसे टूटे हुए पैर के साथ सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इसके बाद उसकी मां से उसका मिलन हुआ, जो इस आपदा के बाद अपने दोनों बच्चों को ढूंढने में लगातार जुटी हुई थीं। यह पूरी घटना 26 अगस्त 2026 को भोटे कोशी और त्रिशुली नदी तंत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान हुई थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस भयंकर तबाही के पीछे बर्फ और चट्टान का खिसकना यानी आइस-एंड-रॉक एवलांच हो सकता है, जिसकी जांच इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट के वैज्ञानिक कर रहे हैं।

मौतों का आंकड़ा बढ़ा और राहत कार्य में आ रही मुश्किलें

नेपाल के नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 28 अगस्त 2026 तक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 539 पहुंच चुकी है। इसके अलावा पूरे देश में 977 लोग लापता बताए जा रहे हैं और 73 लोग घायल हुए हैं। इस बड़ी प्राकृतिक आपदा ने बच्चों के जीवन पर सबसे ज्यादा असर डाला है। नेपाल में यूनिसेफ की प्रतिनिधि एलिस अकुंगा ने चेतावनी दी है कि इस संकट की वजह से लगभग 17,000 बच्चे प्रभावित हुए हैं, जिनके सामने अब बीमारी, कुपोषण और शोषण का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस आपदा ने देश के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह तबाह कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 40 किलोमीटर लंबी सड़कें, 32 पुल और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी का अनुमान है कि इस समय लगभग 10,000 परिवारों को तुरंत राहत सामग्री और मदद की सख्त जरूरत है।

सुरक्षा बलों का राहत और बचाव अभियान जारी

इस आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बाढ़ की वजह से टेलीकॉम और बिजली का बुनियादी ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। स्थिति तब और डरावनी हो गई जब 28 अगस्त को लैंडस्लाइड के मलबे से एक बैरियर झील बन गई, जिससे दूसरी बार बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया और लोगों में कुछ देर के लिए डर फैल गया। हालांकि, सरकार और प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए बचाव कार्य तेज कर दिए। इस बड़े ऑपरेशन में कुल 12,249 सुरक्षा कर्मियों और 15 हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। अब तक इन टीमों ने मिलकर कुल 3,742 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इस राहत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल इमरजेंसी फंड की तरफ से शुरुआती तौर पर 2 मिलियन डॉलर की आर्थिक मदद भी जारी की गई है, जिससे प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया जा सके। इस पूरी स्थिति और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ReliefWeb Report में दी गई है, जहां से जमीनी हालात की लगातार अपडेट्स सामने आ रही हैं।

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