Nepal Flood Crisis: नेपाल में भारी तबाही और बाढ़ के बीच सैकड़ों भारतीय नागरिक लापता, मदद के लिए उतरी भारतीय सेना.

नेपाल में आए भीषण प्राकृतिक संकट के बाद अब हालात काफी गंभीर बने हुए हैं, जहां ग्लेशियर के टूटने और उसके बाद आए हिमस्खलन की वजह से अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने और भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने साफ किया कि इस मुश्किल वक्त में प्रभावित लोगों की मदद करने और उनकी जान व माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और लगातार राहत कार्य किए जा रहे हैं।
नेपाल में बाढ़ से कितना हुआ नुकसान और क्या हैं आधिकारिक आंकड़े
नेपाल के कई इलाकों जैसे कि रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जिलों में यह आपदा कहर बनकर बरसी है, जहां स्थिति अभी भी लगातार बदल रही है और नुकसान का पूरा आंकलन किया जा रहा है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, शुरुआती अनुमान के आधार पर लगभग 178 भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी है कि कुल 288 भारतीय नागरिक ऐसे हैं जिनसे अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है, हालांकि राहत की बात यह है कि तमिलनाडु के 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल के अनुसार, इस पूरे इलाके में हजारों लापता लोगों में 300 से अधिक भारतीय शामिल हैं और नेपाल में कुल मरने वालों का आंकड़ा 270 से 289 के बीच पहुंच चुका है, जबकि 823 से ज्यादा लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं।
लापता भारतीयों का राज्यवार विवरण और राहत कार्य
लापता हुए भारतीय नागरिकों में विभिन्न राज्यों के लोग शामिल हैं, जिनमें त्रिशूली 1 पावर प्रोजेक्ट के 73 मजदूर, अमरनाथ यात्रा पर जा रहे तमिलनाडु के दो समूहों के 86 लोग, पश्चिम बंगाल के 32, केरल के 33 और अन्य राज्यों के 61 लोग शामिल हैं। हालांकि प्रशासन और बचाव टीमों ने अब तक लगभग 100 लापता भारतीयों को ढूंढ निकाला है, लेकिन इसके बावजूद तलाश और बचाव अभियान अभी भी तेजी से जारी है। काठमांडू में स्थित भारतीय दूतावास नेपाली अधिकारियों के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है और मदद के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 जारी किए गए हैं। इसके अलावा ओडिशा सरकार ने भी अपने प्रभावित नागरिकों की सहायता के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया है, जिसकी विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है। इस पूरी तबाही के पीछे ग्लोबल वार्मिंग और इस क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई भूकंपीय गतिविधियों को मुख्य कारण माना जा रहा है।