Nepal Flood News: नेपाल में बाढ़ और लैंडस्लाइड से तबाही, मरने वालों का आंकड़ा 1,287 तक पहुंचा.

नेपाल में आई भीषण बाढ़, लैंडस्लाइड और कीचड़ के धंसने यानी mudslides की वजह से हालात बेहद खराब हो गए हैं। स्थानीय पुलिस द्वारा शुक्रवार, 5 सितंबर 2026 को जारी किए गए आधिकारिक बयान के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,287 हो गई है। देश में पिछले कुछ दिनों से जारी इस भारी तबाही ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है और लोग इस भयानक आपदा से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकारी और आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार इस बड़ी आपदा के बाद से अभी भी 5,083 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार बचाव कार्य किए जा रहे हैं। आपको बता दें कि नेपाल में इस डरावनी प्राकृतिक आपदा की शुरुआत सबसे पहले 26 अगस्त 2026 को हुई थी, जिसके बाद से लगातार हालात बिगड़ते चले गए और देश के कई हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए।
लाखों का नुकसान और घरों को भारी क्षति
अधिकारियों ने इस आपदा के बाद वित्तीय नुकसान का शुरुआती आकलन सबके सामने रखा है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार घरों, संपत्तियों और देश के जरूरी बुनियादी ढांचे यानी critical infrastructure को पहुंचे नुकसान का कुल अनुमान लगभग 387.5 अरब नेपाली रुपये यानी भारतीय मुद्रा और अंतरराष्ट्रीय हिसाब से करीब 2.56 अरब अमेरिकी डॉलर लगाया गया है। इस भयानक तबाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे देश में करीब 7,500 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।
इसके अलावा स्थानीय अधिकारियों और सरकार का अनुमान है कि आने वाले समय में करीब 20,000 और ऐसे घर सामने आएंगे जिन्हें फिर से पूरी तरह से बनवाने या rebuilding की सख्त जरूरत पड़ेगी। इस व्यापक आपदा ने कई गांवों का नामोनिशान मिटा दिया है और वे पूरी तरह से जमींदोज हो चुके हैं। इसके साथ ही देश की मुख्य सड़कों के नेटवर्क और बुनियादी ढांचे की प्रणालियों को भी भारी संरचनात्मक नुकसान पहुंचा है।
हजारों लोग हुए बेघर
पिछले हफ्ते पूरे देश में चले इस极端 weather यानी खराब मौसम के थपेड़ों के कारण हजारों स्थानीय निवासी अपने घरों से बेघर हो चुके हैं और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। आपदा और राहत कार्यों से जुड़े ये तमाम आंकड़े स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर आधिकारिक तौर पर Emirates News Agency (WAM) द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं। देश में प्रशासन और राहत टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने का काम कर रही हैं ताकि लोगों तक जरूरी चीजें पहुंचाई जा सकें।