Nepal Flood Update: नेपाल में भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 389 हुई, 977 लोग अब भी लापता.

Nura Basta27 August 20262 min read69 viewsWorld
Nepal Flood Update: नेपाल में भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 389 हुई, 977 लोग अब भी लापता.

नेपाल के भोटे कोशी नदी क्षेत्र में आए विनाशकारी बाढ़ और भारी तबाही के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। जिला प्रशासन कार्यालय और राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्रों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा बढ़कर 389 हो गया है। इसके अलावा, लगभग 977 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश के लिए बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया जा रहा है। यह हृदयविदारक आपदा 26 अगस्त 2026 की सुबह तिब्बत सीमा की तरफ से अचानक पानी का तेज बहाव आने के कारण शुरू हुई थी, जिसने देखते ही देखते कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।

राहत और बचाव कार्य में जुटी सुरक्षा सेनाएं

इस विकट परिस्थिति से निपटने के लिए नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के कुल 13,295 जवान राहत कार्यों में लगातार जुटे हुए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 466 घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने विदेशी नागरिकों की सहायता और समन्वय के लिए एक विशेष आपातकालीन नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, विभिन्न 33 देशों के लगभग 596 नागरिक अब तक लापता हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर उनके देश भी चिंतित हैं। प्रधानमंत्री बलें शाह ने साफ कर दिया है कि देश के सभी सरकारी तंत्र अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं और मंत्रिमंडल ने प्रभावित क्षेत्रों को अगले तीन महीनों के लिए आपदा संकट क्षेत्र घोषित कर दिया है।

नया खतरा और अंतरराष्ट्रीय मदद

चीनी अधिकारियों ने नदी के ऊपरी हिस्से में लगभग 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी से भरी एक नई बैरियर झील बनने की चेतावनी जारी की है, जिससे किसी भी समय दूसरा बड़ा खतरा पैदा होने की आशंका बनी हुई है। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें बेत्रावती से रसुवागढ़ी जाने वाली मुख्य सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और कई जलविद्युत परियोजनाएं तबाह हो गई हैं। इस संकट की घड़ी में भारत सरकार ने मानवीय सहायता भेजते हुए 10 टन राहत सामग्री उपलब्ध कराई है। इसके अलावा, प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए काठमांडू और बीजिंग में 24 घंटे काम करने वाले नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं, जैसा कि ReliefWeb की रिपोर्ट में बताया गया है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment