नेपाल बाढ़ से हालात हुए बेकाबू, मरने वालों की संख्या पहुँची 1,127, मदद के लिए आगे आया भारत.

नेपाल में हाल ही में आए विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जहाँ नेपाल पुलिस द्वारा जारी किए गए नए आंकड़ों के अनुसार मरने वालों की कुल संख्या 1,127 तक पहुँच गई है। इस कुदरती आफत के बाद देश के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से चल रहा है, लेकिन प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान करने की आ रही है। इस मुश्किल समय में नेपाल की मदद के लिए भारत आगे आया है और वहाँ के विशेष दल नेपाल के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि स्थिति को जल्द से जल्द संभाला जा सके।
भारत की फोरेंसिक टीम कर रही है मदद
अगस्त 2026 की शुरुआत से नेपाल में लगातार भारी बारिश और बाढ़ का दौर जारी है, जिससे हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने अपने पुराने नियमों में संशोधन किया है, क्योंकि शवों को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बहुत कम पड़ रही थी। अब प्रशासन डीएनए सैंपल और पहचान के अन्य निशान जैसे दांत और जैविक टुकड़े सुरक्षित रखने के बाद अज्ञात शवों को दफना रहा है, ताकि बाद में परिवार के लोग अपनों की पहचान कर सकें। इस काम में मदद करने के लिए भारत से एक 19 सदस्यीय फोरेंसिक दल 31 अगस्त 2026 को नेपाल पहुँचा है, जो स्थानीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर शवों की जटिल डीएनए जांच कर रहा है। इस पूरी राहत और बचाव प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी आप DD News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।
हजारों सुरक्षाकर्मी और अधिकारी राहत कार्य में जुटे
आपदा प्रबंधन से जुड़े राष्ट्रीय निकाय NDRRMA के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 तक कुल 781 शवों को बाहर निकाला जा चुका था। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जान बचाने और राहत पहुँचाने के लिए नेपाल पुलिस, नेपाल सेना और आर्म्ड पुलिस फोर्स के कुल 20,618 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक अब भी हजारों लोग ऐसे हैं तक पहुँच पाना बहुत मुश्किल हो रहा है। नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री ने भारत के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि संकट के समय में भारत हमेशा से नेपाल के साथ खड़ा रहा है, खासकर इस आपदा में मृतकों के प्रबंधन और फोरेंसिक कामों में भारत का साथ बहुत मददगार साबित हो रहा है।