Nepal Flood Update: नेपाल में बाढ़ और लैंडस्लाइड से तबाही, मरने वालों का आंकड़ा 1,300 के पार पहुंचा.

नेपाल में भारी बारिश के बाद आई भयानक बाढ़ और लैंडस्लाइड से हालात बहुत खराब हो गए हैं। इस आपदा की वजह से अब तक कुल 1,331 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह आंकड़े नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी NDRRMA की तरफ से जारी किए गए हैं। शुरुआती दौर में नेपाल पुलिस ने मरने वालों की संख्या 1,341 से 1,344 के बीच बताई थी, लेकिन जैसे-जैसे बचाव कार्य आगे बढ़े, आंकड़ों में संशोधन किया गया। इस भयंकर आपदा में हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए प्रशासन और राहत टीमें लगातार जुटी हुई हैं।
राहत और बचाव कार्य में तेजी
प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचाने के लिए सरकार और राहत एजेंसियां युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। NDRRMA ने राहत कार्य के लिए तुरंत पैसे जारी किए हैं, जिसके तहत रसुवा और नुवाकोट को 10-10 मिलियन नेपाली रुपये और धाडिंग को 5 मिलियन नेपाली रुपये की इमरजेंसी कैश मदद दी गई है। बचाव अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता तब मिली जब 5 सितंबर को अपर त्रिशूल 1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से एक चीनी नागरिक को जिंदा बाहर निकाला गया। इस सुरंग के अंदर लगभग 900 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
इस बचाव अभियान में नेपाल सेना के साथ भारत की 54 सदस्यीय टीम भी कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। भारतीय टीम में टनल एक्सपर्ट, फॉरेसिंक एक्सपर्ट और मेडिकल स्टाफ शामिल हैं जो चिलिमे टनल साइट पर मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा भारत सरकार की तरफ से लगभग 95 टन राहत सामग्री भी नेपाल पहुंचाई गई है, जिसकी जानकारी ReliefWeb की रिपोर्ट में दी गई है।
स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं
बाढ़ के पानी की वजह से आम जनता के सामने पीने के पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। यूनिसेफ के अनुमान के मुताबिक करीब 22,000 बच्चों तक साफ पानी नहीं पहुंच पा रहा है। विदुर इलाके में पानी के स्रोतों की जांच करने पर पता चला कि 15 में से 5 जल स्रोत ई. कोलाई बैक्टीरिया से गंदे हो चुके हैं। इस स्थिति को देखते हुए अधिकारी अब हैजा और खसरा जैसी बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाने पर विचार कर रहे हैं। दूसरी ओर, वर्ल्ड फूड प्रोग्राम यानी WFP की तरफ से 8,000 लोगों तक तुरंत खाना और मदद पहुंचाई जा रही है, और आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 43,000 लोगों तक ले जाने की योजना है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट होप ने वोलेंटियर कॉर्प्स नेपाल के साथ मिलकर तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स भी शुरू कर दी हैं।
मौसम और भौगोलिक चुनौतियां
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने ग्लेशियर टूटने की घटनाओं के पीछे बड़े पैमाने पर ग्रीनहाउस गैस छोड़ने वाले देशों से वैश्विक जवाबदेही की मांग की है, हालांकि उन्होंने भारत से मिली समय पर मदद की सराहना भी की है। जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के बिनोद पराजुली ने बताया कि पैसों की कमी के कारण पहले ऊंचे जोखिम वाले ग्लेशियर झीलों में पानी का स्तर कम नहीं किया जा सका था, लेकिन अब इस काम को 'GLOF Sanjeevani Project' के तहत शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा बाजुरा में लैंडस्लाइड की वजह से सांफे-मार्तडी रोड बंद है और दार्चुला में चौलानी नदी पर बने प्राकृतिक बांध के कारण बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।