नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, मरने वालों की संख्या बढ़कर 579 हुई, हजारों लोग अब भी लापता.

नेपाल में Trishuli River बेसिन के पास आए भयानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। देश में राहत और बचाव का काम बहुत तेजी से चल रहा है, लेकिन अभी भी कई परिवार अपने लापता रिश्तेदारों का इंतजार कर रहे हैं। National Disaster Risk Reduction and Management Authority (NDRRMA) के अनुसार, इस भयंकर आपदा में नेपाल में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 579 हो गया है। इसके अलावा 1,924 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 517 विदेशी नागरिक और विभिन्न हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के 933 मजदूर शामिल हैं।
सीमा पार तिब्बत में भी भारी नुकसान और बचाव कार्य
सीमा के दूसरी तरफ Tibet Autonomous Region में भी इस आपदा ने भारी तबाही मचाई है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, वहां 5 लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं, जिनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह आपदा ऊंचाई पर स्थित किसी ग्लेशियर के टूटने या चट्टान खिसकने की वजह से आई है। इसके पीछे तिब्बत में 26 अगस्त को आए 4.4 तीव्रता के भूकंप का हाथ हो सकता है। International Federation of Red Cross and Red Crescent Societies (IFRC) का अनुमान है कि इस बाढ़ की वजह से लगभग 90,000 लोग प्रभावित हुए हैं, जिससे 14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, सड़कें, पुल और 20 स्कूलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
नेपाली सेना और सरकार के प्रयास
28 अगस्त 2026 तक की स्थिति के मुताबिक, नेपाल में 3,700 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। Nepali Army ने इस अभियान के लिए अपने करीब 6,700 जवानों को मैदान में उतारा है। सेना ने हेलीकॉप्टरों की मदद से 163 विदेशियों समेत 2,100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है, जबकि जमीन पर चलाए गए अभियानों में 200 और लोगों की जान बचाई गई है। नेपाल के Foreign Minister, Shisir Khanal ने बताया कि स्थानीय भौगोलिक स्थिति की जानकारी के कारण सरकार अभी अपने देश के संसाधनों से ही बचाव कार्य को प्राथमिकता दे रही है, हालांकि जरूरत पड़ने पर चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मदद लेने के लिए भी दरवाजे खुले रखे गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय सहायता और नया खतरा
इस संकट की घड़ी में कई देश और संगठन मदद के लिए आगे आए हैं। भारत ने जहां मदद की पेशकश की है, वहीं चीन ने अपने दो विशेष बचाव दल और 13 विशेषज्ञों का एक समूह भेजा है। इसके अलावा European Union ने मानवीय सहायता के रूप में 2 मिलियन यूरो जारी किए हैं। नेपाल पुलिस समेत तमाम अधिकारियों ने एक बार फिर चेतावनी जारी की है कि Bhotekoshi River में पानी का स्तर बढ़ने और एक नई झील के बनने से आगे भी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं क्योंकि संचार व्यवस्था और टूटे हुए बुनियादी ढांचे को ठीक करने में अभी काफी मुश्किलें आ रही हैं। इस आपदा से जुड़ी आधिकारिक और ताजा जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report और Ministry of Foreign Affairs Nepal की वेबसाइट पर जा सकते हैं।