नेपाल में बाढ़ का कहर जारी, 1,344 शव बरामद और लगभग 5000 लोग अभी भी लापता.

नेपाल में आई भयानक बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है, जिससे पूरे देश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नेपाल सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बाढ़ के बाद चल रहे खोज, बचाव और राहत कार्यों का ताजा आंकड़ा जारी किया है, जिससे इस त्रासदी की भीषणता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, देश के विभिन्न बाढ़ प्रभावित जिलों से अब तक कुल 1,344 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जो कि इस आपदा के बहुत बड़े पैमाने को बयां करता है।
पहचान और लापता लोगों की तलाश
प्राधिकरण की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, बरामद किए गए इतने सारे शवों में से अभी तक सिर्फ 18 लोगों की ही पहचान हो पाई है, जिससे मृतकों के परिवारों का पता लगाने में प्रशासन को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा के इस तांडव में मरने वालों के अलावा लगभग 4,996 लोग अभी भी संपर्कविहीन हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। इन लापता लोगों में विभिन्न जिलों के स्थानीय नागरिक, बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और कुछ सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं, जिनकी तलाश में राहत दल लगातार जुटे हुए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा लोग रसुवा जिले से लगभग 1,967 और नुवाकोट से करीब 2,340 नेपाली नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 589 विदेशी नागरिक और लगभग 100 सुरक्षाकर्मी व कर्मचारी भी लापता लोगों की सूची में शामिल हैं। आपदा प्रभावित प्रमुख जिलों की बात करें तो रसुवा में 163, नुवाकोट में 195, धादिंग में 67, गोरखा में 74, तनहूं में 38, नवलपरासी पूर्व में 222, नवलपरासी पश्चिम में 220 और चितवन जिले में सर्वाधिक 362 शव बरामद किए गए हैं।
तेजी से चल रहा राहत और बचाव अभियान
इस संकट की घड़ी में सरकार और सुरक्षा बलों ने मिलकर बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चला रखा है। अब तक कुल 13,904 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। अकेले नेपाली सेना ने 4,162, नेपाल पुलिस ने 4,065 और सशस्त्र पुलिस बल ने 4,674 लोगों की जान बचाई है। नेपाली सेना ने अपने हेलीकॉप्टरों के जरिए हवाई मार्ग से 275 विदेशी और 3,687 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, जबकि 200 लोगों को जमीनी रास्तों से निकाला गया है। बाढ़ के पानी और मलबे की चपेट में आकर घायल हुए करीब 6,075 लोगों का इलाज भी किया जा चुका है, जिसमें विभिन्न अस्पतालों के साथ-साथ सेना और पुलिस के चिकित्सा दलों ने अहम भूमिका निभाई है।
बेघर हुए और प्रभावित लोगों के रहने के लिए प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और काठमांडू में कुल 39 होल्डिंग सेंटर बनाए हैं। इन राहत शिविरों में इस समय लगभग 3,652 लोग शरण लिए हुए हैं और सरकार की तरफ से उन्हें जरूरी मदद पहुंचाई जा रही है। इस पूरी आपदा और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से साझा की गई है, जहाँ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।