नेपाल में भयानक बाढ़ और हिमस्खलन से 900 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों लोग अब भी लापता

Nura Basta31 August 20262 min read7 viewsWorld
नेपाल में भयानक बाढ़ और हिमस्खलन से 900 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों लोग अब भी लापता

नेपाल और तिब्बत के इलाकों में एक भीषण प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है, जहां 26 अगस्त 2026 को आए बर्फीले तूफान और मूसलाधार बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ से 900 से अधिक लोगों की जान चली गई है। नेपाल नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार, इस दिल दहला देने वाली घटना में मरने वालों की संख्या 903 से 939 के बीच पहुंच गई है, जबकि 4,247 से 4,274 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। सीमा पार तिब्बत में भी चीनी अधिकारियों ने 16 लोगों की मौत और 546 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है, जिससे यह हादसा इस साल की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बन गया है।

स्कूल के प्रिंसिपल ने बचाई सैकड़ों बच्चों की जान

इस भयानक तबाही के बीच बहादुरी की कई ऐसी कहानियां भी सामने आई हैं जिन्होंने लोगों को हैरान कर दिया है। नुवाकोट जिले के त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने अपनी सूझबूझ से करीब 900 से 1,643 स्कूली बच्चों की जान बचा ली। एक दोस्त और एक अभिभावक से चेतावनी मिलने के ठीक कुछ मिनट पहले ही उन्होंने स्कूल खाली करने का सायरन बजा दिया और देखते ही देखते पूरा स्कूल पानी में डूब गया और बाढ़ के तेज बहाव में बह गया। हालांकि, इस स्कूल के दो कर्मचारी अभी भी लापता लोगों की सूची में शामिल हैं। रेड क्रॉस संस्था के मुताबिक इस आपदा से पूरे इलाके में 90,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि यूनिसेफ की रिपोर्ट बताती है कि कम से कम 17,000 बच्चे इस त्रासदी की चपेट में आए हैं, जिसमें 18 स्कूल पूरी तरह तबाह हो गए और 20 अन्य स्कूलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी

नेपाल सरकार के आदेश पर नेपाली सेना और पुलिस के जवान लगातार खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट की सुरंगों में फंसे अनुमानित 933 कामगारों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने विदेश मंत्रालय के भीतर एक इमरजेंसी कंट्रोल रूम बनाया है, जो राहत कार्यों की देखरेख कर रहा है। इसके अलावा satellite mapping के जरिए स्थिति पर नजर रखने के लिए इंटरनेशनल चार्टर 'स्पेस एंड मेजर डिजास्टर' को भी सक्रिय कर दिया गया है। नुवाकोट, रसुवा, धाडिंग, चितवन, गोरखा और नवलपरासी जैसे जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रीय एजेंसियों की मदद के लिए यूनिसेफ, केयर नेपाल और इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन प्रभावित इलाकों में लगातार सहायता पहुंचा रहे हैं। इस दुखद और गंभीर स्थिति के बारे में अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए आप नेपाल विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर आपदा की पूरी रिपोर्ट ReliefWeb पर भी उपलब्ध कराई गई है।

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