Nepal Flood: नेपाल में भयानक बाढ़ से भारत के सैंकड़ों लोग फंसे, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के परिवारों में चिंता.

Sushma Kumari27 August 20262 min read49 viewsIndia
Nepal Flood: नेपाल में भयानक बाढ़ से भारत के सैंकड़ों लोग फंसे, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के परिवारों में चिंता.

नेपाल में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को आए भीषण फ्लैश फ्लड यानी अचानक आई बाढ़ के बाद भारत के कई राज्यों के परिवारों की सांसें अटक गई हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और अन्य राज्यों से नेपाल घूमने गए पर्यटकों के परिवार अपने अपनों की सलामती की खबर पाने के लिए लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है, जिसके बाद हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

नेपाल में 800 से ज्यादा लोग संपर्क से बाहर

नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार, 27 अगस्त तक कुल 823 लोग संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं, जिनमें 579 पर्यटक शामिल हैं। नेपाल पुलिस ने अब तक 157 शवों को बरामद करने की पुष्टि की है। वहीं, नेपाल टूरिज्म बोर्ड का कहना है कि शुरुआती तौर पर लापता बताए गए 384 पर्यटकों में 100 से ज्यादा भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। यह आपदा रासुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के साथ-साथ त्रिशूली और भोटे कोसी नदियों के आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा असरदार साबित हुई है। इस संबंध में विस्तार से जानकारी ANI News की रिपोर्ट में दी गई है।

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फंसे हुए पर्यटकों की पूरी जानकारी

प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के कुल 57 पर्यटकों में से 37 लोग फंसे हुए हैं। इसके अलावा कोलकाता का एक 32 सदस्यों का ग्रुप और पश्चिम बंगाल के आरामबाग से आए 65 पर्यटक इस समय पोखरा के चेतनपार्क में फंसे हुए हैं। इनमें से ज्यादातर लोग प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल होने के लिए गए थे। ईशा फाउंडेशन ने बताया कि उनके 495 श्रद्धालु तो सुरक्षित वापस लौट आए हैं, लेकिन अभी भी 148 लोग नेपाल में ही हैं, जबकि 743 लोग तिब्बत में और 77 लोग इमीग्रेशन सेंटर पर मौजूद हैं।

हेल्पलाइन नंबर और बचाव अभियान

काठमांडू में स्थित भारतीय दूतावास ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और ओडिशा की राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों की मदद के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। खास तौर पर तमिलनाडु सरकार ने दिल्ली स्थित तमिलनाडु हाउस में 24/7 कंट्रोल रूम बनाया है। नेपाल सेना ने गुरुवार सुबह हेलिकॉप्टर की मदद से 21 भारतीय पर्यटकों समेत कुल 123 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, लगातार खराब संचार व्यवस्था की वजह से बचाव और वेरिफिकेशन के काम में भारी रुकावट आ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तिब्बत सीमा के पास आए भूकंप या ग्लेशियर के टूटने की वजह से यह भयानक बाढ़ आई है। दूसरी तरफ, नेपाल की इस स्थिति को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में गंडक-नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें लगातार फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं।

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