नेपाल: भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ के बाद बचाव कार्य स्थगित, अब पुनर्निर्माण पर जोर

नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ के बाद चलाए जा रहे खोज और बचाव अभियान को अब फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जहां बहुत जरूरी होगा, वहां अत्यावश्यक खोज कार्य जारी रहेंगे। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन परिषद की 21वीं बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है।
बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि अब प्राथमिकता प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण और पुनर्स्थापना की होनी चाहिए। यह निर्णय जिला सुरक्षा समिति और आपदा प्रबंधन समितियों की सिफारिशों और जमीनी निरीक्षण के बाद लिया गया है। सरकार अब तेजी से बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की दिशा में काम करेगी।
पुनर्निर्माण के लिए भारी बजट की सिफारिश
आपदा के बाद की स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने एक बड़ा वित्तीय खाका तैयार किया है। विभिन्न मंत्रालयों और निकायों द्वारा प्रस्तावित 504 योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए कुल 5 खर्ब 59 अरब 17 करोड़ 72 लाख 27 हजार नेपाली रुपये के बजट की सिफारिश वित्त मंत्रालय को भेजने का निर्णय लिया गया है। जिन परियोजनाओं का खर्च अभी तय नहीं हो पाया है, उनके लिए राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण को जल्द जानकारी जुटाने और बजट की मांग करने का निर्देश दिया गया है।
प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि आपदा प्रबंधन का काम संघीय, प्रांतीय और स्थानीय सरकारों के बीच आपसी तालमेल से किया गया है और पुनर्निर्माण का काम भी इसी समन्वय के साथ पूरा किया जाएगा। इस मुहिम में विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस और विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया है।
परिषद ने इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही, कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले सुरक्षाकर्मियों, स्वयंसेवकों, पत्रकारों और मदद करने वाले अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया गया है।