नेपाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ा ऐलान, हर महीने मिलेंगे 15 हजार रुपये.

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस आपदा में अपने घरों को गंवा चुके और विस्थापित हुए परिवारों के लिए नेपाल सरकार ने एक बहुत बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। सरकार की तरफ से अब ऐसे परिवारों को आर्थिक मदद देने का फैसला किया गया है ताकि वे इस मुश्किल वक्त में अपने रोजमर्रा के खर्चों को संभाल सकें।
मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
बीते रविवार को हुई मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में यह तय किया गया कि भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित हुए सभी परिवारों को उनके स्थायी मकान के दोबारा बनने तक मकान का किराया और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने के लिए पैसे दिए जाएंगे। देश के संचार मंत्री विक्रम तिमिल्सिना ने मीडिया को इस बात की पूरी जानकारी दी है। सरकार की इस घोषणा से उन हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जो बेघर हो चुके हैं।
सरकार की योजना के मुताबिक, अधिकतम चार सदस्यों वाले एक परिवार को हर महीने 15 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे तौर पर दी जाएगी। इसके अलावा अगर परिवार में सदस्यों की संख्या ज्यादा है, तो प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के लिए हर महीने 2 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। यह पैसा तब तक मिलता रहेगा जब तक कि सरकार या वे खुद अपना पक्का और स्थायी घर दोबारा नहीं बना लेते हैं।
अस्थायी आवास का भी मिलेगा विकल्प
संचार मंत्री विक्रम तिमिल्सिना ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई परिवार हर महीने मिलने वाली इस नकदी सहायता को नहीं लेना चाहता है, तो उनके पास दूसरा विकल्प भी खुला रहेगा। सरकार ऐसे परिवारों के लिए उनके स्थायी आवास के निर्माण तक रहने के खातिर अस्थायी आवास की व्यवस्था खुद करके देगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाढ़ की वजह से सड़क पर आए किसी भी परिवार को खुले आसमान के नीचे न रहना पड़े।
स्थानीय निकायों को भेजे गए फॉर्म और कागजी कार्रवाई
इस योजना को धरातल पर जल्द से जल्द लागू करने के लिए सरकार ने तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। मंत्री विक्रम तिमिल्सिना ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस पूरी सहायता प्रक्रिया से जुड़े जरूरी विवरण और आंकड़े जुटाने का काम शुरू हो चुका है। सभी संबंधित स्थानीय तहों यानी लोकल बॉडीज को आधिकारिक फॉर्म भेजे जा चुके हैं, ताकि सही और जरूरतमंद लोगों की पहचान समय पर की जा सके।
सरकार ने बाढ़ की वजह से शुरुआती दौर में हुए नुकसान और संपत्ति की क्षति का आकलन पहले ही पूरा कर लिया है। अब प्रभावितों की विस्तृत जरूरतों का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि उसी हिसाब से जरूरी संसाधन जुटाए जा सकें। इन सभी तैयारियों के पूरा होने के बाद देश में पुनर्निर्माण और लोगों को फिर से उनके पैरों पर खड़ा करने यानी पुनर्स्थापना के काम को और भी तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।