नेपाल में जलप्रलय का कहर, तीन जिलों के 16 स्कूल तबाह और 250 लोग लापता.

Sushma Kumari31 August 20263 min read13 viewsWorld
नेपाल में जलप्रलय का कहर, तीन जिलों के 16 स्कूल तबाह और 250 लोग लापता.

नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक भयंकर बाढ़ के कारण भारी तबाही मच गई है। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से देश के तीन जिलों में कुल 16 विद्यालय पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शिक्षा मंत्रालय से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस आपदा की चपेट में आने से 233 छात्र और 17 शिक्षक समेत कुल 250 लोग संपर्कविहीन बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में लगातार संपर्क टूटने की वजह से राहत और बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते अभी नुकसान का पूरा आंकड़ा सामने आना बाकी है।

किन जिलों में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

मिली जानकारी के अनुसार, बाढ़ और जलप्रलय से नेपाल के मुख्य रूप से रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर प्रशासन ने बताया है कि रसुवा में 4, नुवाकोट में 8 और धादिंग में 4 विद्यालयों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन सभी जगहों पर बाढ़ का पानी स्कूलों के अंदर तक घुस गया, जिसके कारण कई इमारतें पूरी तरह से बह गई हैं। वहीं कुछ स्कूलों की कक्षाओं में भारी मात्रा में कीचड़, रेत और मलबा भर गया है जिससे वहां पढ़ाई का नामोनिशान मिट चुका है। रसुवा के उत्तरगया और गोसाईंकुंड गांवपालिका, नुवाकोट की विदुर नगरपालिका तथा धादिंग की गल्छी, सिद्धलेक गांवपालिका और नीलकंठ नगरपालिका के अंतर्गत आने वाले स्कूल इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

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बह गए कई नामी स्कूल और छात्रावास

अधिकारियों ने बताया कि रसुवा के गोसाईंकुंड गांवपालिका स्थित नेपाल राष्ट्रीय आधारभूत विद्यालय पूरी तरह से बह गया है, जिसमें 109 छात्र पढ़ा करते थे। इसके अलावा उत्तरगया गांवपालिका के चिप्लेटी आधारभूत विद्यालय, मॉडर्न ट्रिनिटी बोर्डिंग और मालिकादेवी आधारभूत विद्यालय भी बाढ़ की तेज लहरों में पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। नुवाकोट की विदुर नगरपालिका में स्थित प्रसिद्ध त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय की इमारत भी बाढ़ के पानी में बह गई है। राहत की बात यह रही कि इस विद्यालय में करीब 1,600 छात्र पढ़ते थे, लेकिन बाढ़ आने से पहले ही सभी छात्रों को सुरक्षित उनके घर भेज दिया गया था, जिससे यहां किसी भी प्रकार की बड़ी मानवीय क्षति होने से टल गई। हालांकि, नुवाकोट के त्रिभुवन बहुमुखी कैंपस और त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय के छात्रावास मलबे में दबकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

लापता छात्रों और शिक्षकों की तलाश जारी

शिक्षा मंत्रालय से प्राप्त प्रारंभिक विवरण के मुताबिक, नुवाकोट की विदुर नगरपालिका में स्थित आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त चंडेश्वरी माध्यमिक विद्यालय के 12 छात्र और 1 शिक्षक संपर्कविहीन हैं। इसी तरह रसुवा के नवविजयी महेंद्र माध्यमिक विद्यालय के 2 शिक्षक और कोमी श्यामेवाङ्फेल माध्यमिक विद्यालय के 1 शिक्षक सहित 16 छात्र लापता बताए जा रहे हैं। उत्तरगया गांवपालिका के नीलकंठ माध्यमिक विद्यालय की इमारत को हालांकि ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन उस विद्यालय के 200 छात्र और 4 शिक्षक बाढ़ के बाद से संपर्क में नहीं हैं। गोसाईंकुंड तीर्थयात्रा पर गए धादिंग के 4 शिक्षक भी लापता लोगों की सूची में शामिल हैं। शिक्षा तथा खेलकूद मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में रास्तों के बंद होने और नेटवर्क की समस्या के कारण राहत टीमों को पहुंचने में समय लग रहा है, और स्थिति सामान्य होने के बाद ही नुकसान का अंतिम और वास्तविक आंकड़ा सामने आ सकेगा।

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