नेपाल जलप्रलय का कहर, अब तक 903 शव बरामद और 4,247 लोग लापता, राहत कार्य जारी.

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और जलप्रलय ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। नेपाल के गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 903 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4,247 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार खोज, राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है ताकि फं हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और लापता लोगों की तलाश की जा सके।
विभिन्न जिलों में मिला शवों का आंकड़ा
प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक जो शव बरामद हुए हैं उनमें रसुवा से 24, नुवाकोट से 95, धादिङ से 55, गोरखा से 62, नवलपरासी पूर्व से 207, नवलपरासी पश्चिम से 151, तनहुँ से 37 और चितवन से 272 शव शामिल हैं। इन शवों में कई ऐसे मानव अवशेष भी मिले हैं जिनकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। नेपाल सरकार के विभिन्न विभागों और कार्यालयों में कुल 4,247 लोगों के संपर्कविहीन होने की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसके चलते परिवारों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
लापता लोगों में सरकारी कर्मचारी और विदेशी नागरिक शामिल
सरकारी आंकड़ों के अनुसार लापता होने वालों में सुरक्षा बलों के जवान और विभिन्न कार्यालयों के कर्मी भी शामिल हैं। लापता लोगों में नेपाल पुलिस के 25, नेपाली सेना के 45, सशस्त्र पुलिस बल के 13, कस्टम कार्यालय के 15 और इमिग्रेशन कार्यालय के 3 कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा रसुवा में 865 और नुवाकोट में 1,558 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 933 लोग, मकवानपुर के 65 लोग, 592 विदेशी नागरिक, विदेशियों के साथ यात्रा करने वाले 127 नेपाली नागरिक, लैंगटांग राष्ट्रीय उद्यान के 3 और क्वारंटीन कार्यालय के 3 लोग भी इस आपदा के बाद से लापता हैं।
सुरक्षित निकाले गए लोग और बचाव अभियान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस भीषण आपदा के बीच अब तक कुल 10,451 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों द्वारा चलाए गए हवाई बचाव अभियान के जरिए 252 विदेशी नागरिकों और 3,344 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 15 चीनी और 7 भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित बचा लिया गया है। इस राहत अभियान के तहत अब तक कुल 411 हेलीकॉप्टर उड़ानें भरी जा चुकी हैं, जिनमें से 31 अगस्त को 17 उड़ानें संचालित की गईं।
घायलों का इलाज और तैनात सुरक्षा बल
इस आपदा में कुल 267 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 156 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाए रखने के लिए छह सर्जिकल मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। राहत और बचाव कार्य में कुल 20,819 सुरक्षाकर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ जुटे हुए हैं, जिनमें नेपाल पुलिस के 7,894, नेपाली सेना के 8,722 और सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 जवान शामिल हैं। प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि अज्ञात शवों को विभिन्न जिलों के 21 अस्पतालों में सुरक्षित रखा गया है और उनकी पहचान तथा प्रबंधन का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रभावित इलाकों में ईंधन की किसी भी तरह की कमी न हो, इसके लिए 25 हजार लीटर डीजल, 21 हजार लीटर पेट्रोल और 10 हजार लीटर विमान ईंधन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है।