नेपाल में बाढ़ के आर्थिक नुकसान का होगा आकलन, सरकार ने बनाई खास समिति

Sushma Kumari9 September 20262 min read26 viewsWorld
नेपाल में बाढ़ के आर्थिक नुकसान का होगा आकलन, सरकार ने बनाई खास समिति

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं ने देश की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका दिया है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, नेपाल की प्रतिनिधि सभा की वित्त समिति ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। सरकार ने रसुवा में आई भयानक बाढ़ से देश की अर्थव्यवस्था पर पड़े बुरे प्रभाव और जलवायु वित्त यानी क्लाइमेट फाइनेंस से जुड़े तमाम मुद्दों का बारीकी से अध्ययन करने के लिए एक विशेष उपसमिति का गठन कर दिया है। यह फैसला हाल ही में सिंहदरबार में आयोजित हुई वित्त समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नुकसान की भरपाई और भविष्य के लिए पुख्ता रणनीति तैयार करना है।

सात सदस्यीय उपसमिति को मिली बड़ी जिम्मेदारी

मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस अध्ययन के लिए बनाई गई उपसमिति में कुल सात सदस्यों को शामिल किया गया है। इस पूरी समिति की कमान सांसद सुशील खड़का को सौंपी गई है जो इसके संयोजक बनाए गए हैं। उनके साथ इस टीम में सांसद नरेंद्र कुमार केरुङ, परशुराम तामाङ, डॉ. पुष्पराज कंडेल, लिमा अधिकारी, पुष्पा चौधरी और सुशांत वैदिक को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। इन सभी अनुभवी लोगों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे ज़मीनी स्तर पर जाकर हालात का जायजा लें और सही डेटा जुटाएं ताकि सरकार आगे की योजना बना सके।

अधिकारियों ने दिए स्पष्ट निर्देश

वित्त समिति के अध्यक्ष डॉ. कृष्णहरि बुढाथोकी ने इस बारे में विस्तार से जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस उपसमिति को मुख्य रूप से दो बड़े विषयों पर काम करने को कहा गया है। पहला यह कि रसुवा की बाढ़ की वजह से देश के व्यापार, बाजार और कुल अर्थव्यवस्था को कितना वित्तीय नुकसान हुआ है, और दूसरा यह कि जलवायु वित्त के मोर्चे पर किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। सरकार ने इस समिति को बहुत कम समय दिया है और इसे निर्देश दिए गए हैं कि वह हर हाल में आगामी 18 सितंबर तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके समिति के समक्ष पेश करे। इस पूरी खबर की पुष्टि हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से की गई है, जिसमें एजेंसी के पत्रकार पंकज दास ने आधिकारिक बैठकों और आदेशों की पूरी जानकारी साझा की है।

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