नेपाल में भारी बारिश का कहर, बाढ़ और लैंडस्लाइड से 21 लोगों की मौत, कई लापता

Sushma Kumari27 September 20262 min read5 viewsWorld
नेपाल में भारी बारिश का कहर, बाढ़ और लैंडस्लाइड से 21 लोगों की मौत, कई लापता

नेपाल में पिछले चार दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में आई बाढ़ और खतरनाक भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड की वजह से कम से कम 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा इस आपदा में 5 लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस भयंकर आपदा ने देश भर के करीब 247 परिवारों को सीधे तौर पर प्रभावित किया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट और नुकसान

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी NDRRMA की तरफ से जारी आधिकारिक अपडेट के मुताबिक, सबसे ज्यादा मौतें लैंडस्लाइड की वजह से हुई हैं। भूस्खलन की घटनाओं में 14 लोगों की जान चली गई और 5 लोग लापता हैं। वहीं, बाढ़ के पानी में डूबने से 4 लोगों की मौत हुई और लगातार भारी बारिश के कारण हुए हादसों में 3 अन्य लोगों ने अपनी जान गंवाई। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से कुल 260 घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि 80 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठे एक लो-प्रेशर सिस्टम की वजह से 24 सितंबर से 27 सितंबर के बीच नेपाल के कई इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

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राहत और बचाव कार्य

हालात की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार के आपातकालीन दलों ने हाई-रिस्क जोन से लगभग 3,000 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। आर्म्ड पुलिस फोर्स और स्थानीय प्रशासन मिलकर प्रभावित परिवारों को खाना और जरूरी राहत सामग्री बांट रहे हैं। जाजरकोट, म्याग्दी और संखुवासभा जैसे पहाड़ी जिलों में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए आपातकालीन हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। आपदा प्राधिकरण के अनुसार, इस दौरान नेपाल में करीब 9,000 विदेशी पर्यटक और ट्रेकर्स मौजूद थे, जिन्हें नेपाल टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से सुरक्षित जगहों पर रहने और मौसम सुधरने तक यात्रा रोकने की सलाह दी गई है।

नदियों का बढ़ता जलस्तर और अलर्ट

देशभर के 106 स्थानों पर पिछले चार दिनों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश डुमकुआली, नवलपरासी में 455.2 मिमी रिकॉर्ड की गई। बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मनांग जिले में मर्स्यांगडी नदी और मु mustang जिले में काली गंडकी नदी के बहाव को रोकने वाले लैंडस्लाइड के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। इसके अलावा सेंट्रल नेपाल में नारायणी नदी का जलस्तर 9 मीटर के खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे चितवन जाने वाले मुख्य राजमार्गों पर भी यातायात बाधित हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हैं और राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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