नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन का कहर, 84 हजार लोगों की मदद के लिए संयुक्त राष्ट्र ने जुटाए 5 करोड़ डॉलर

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से देश के करीब 84 हजार लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं और उन्हें इस समय तत्काल मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र यानी UN और उसके सहयोगी संगठनों ने आगे आकर एक बड़ी पहल की है, ताकि इन पीड़ित समुदायों तक समय पर जरूरी मदद पहुंचाई जा सके।
5 करोड़ डॉलर जुटाने की अपील
प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेजी से चलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय सहायता साझेदार संगठनों ने करीब 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने की बड़ी अपील जारी की है। यह अपील देश की मुख्य नदियों जैसे भोटेकोशी और त्रिशूली में आई भयंकर बाढ़ और उसके बाद हुए भूस्खलन से प्रभावित हुए लोगों को जीवनरक्षक सहायता देने के मकसद से की गई है। संयुक्त राष्ट्र ने अपने सभी साझीदारों से इस राशि को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है ताकि राहत कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट न आए।
चार महीने की विशेष योजना तैयार
नेपाल में स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी सहायता राशि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नेतृत्व में नेपाल सरकार द्वारा बनाई गई चार महीने की विशेष योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने में खर्च की जाएगी। सरकार और संयुक्त राष्ट्र की कोशिश है कि आने वाली कड़ाके की सर्दी शुरू होने से ठीक पहले सभी प्रभावित और बेघर हुए लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचा दी जाए। नेपाल सरकार द्वारा चलाए जा रहे बचाव और राहत अभियानों के साथ अब संयुक्त राष्ट्र के संगठन भी पूरी तरह से समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं।
सबसे दुर्गम बस्तियों तक पहुंचेगी मदद
नेपाल में संयुक्त राष्ट्र की आवासीय समन्वयक लीला पीटर्स याहिया ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि इस पूरी सहायता अपील की सबसे बड़ी प्राथमिकता सरकार के निर्देशों के तहत काम करना है। सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले देश के सबसे दूर-दराज और दुर्गम इलाकों की बस्तियों तक सुरक्षित आश्रय, चिकित्सा सुविधाएं, साफ पीने का पानी और सीधे नकद सहायता पहुंचाई जाएगी। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट देख सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस फंड के जरिए सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वाले इलाकों में लोगों को भोजन, जरूरी दवाइयां, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जीवनरक्षक वस्तुएं बांटी जाएंगी। यूएन और उसके तमाम साझेदार संगठन नेपाल सरकार के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आपदा का शिकार हुए हर एक पीड़ित तक बिना किसी देरी के राहत पहुंच सके।