नेपाल में बाढ़ का कहर, 903 लोगों की मौत और 4200 से ज्यादा लोग लापता, राहत कार्य तेज.

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) के नेतृत्व में राहत और बचाव अभियान को काफी तेज कर दिया गया है। यूएन प्रवक्ता स्टेफन दुजार्रिक के मुताबिक, देश भर में बाढ़ प्रभावित इलाकों में 20,000 से ज्यादा खोज और बचाव कर्मियों को तैनात किया गया है। मूसलाधार बारिश की वजह से 15 नगर पालिकाएं और दो आपदा क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस भीषण आपदा में अब तक 903 लोगों की जान जा चुकी है, 267 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और 4,200 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपातकालीन टीमों ने अब तक 10,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें 252 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
राहत कार्यों में आ रही बाधाएं और समन्वय केंद्र
रास्ते बंद होने और मुख्य परिवहन मार्गों, खासकर पृथ्वी हाईवे पर आवाजाही में भारी दिक्कतों के बावजूद मानवीय राहत कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। राहत दल सबसे ज्यादा प्रभावित जिले रसुवा में बुनियादी सेवाओं को बहाल करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) और उसके सहयोगियों ने नुवाकोट में एक मुख्य समन्वय केंद्र बनाया है। इस केंद्र के जरिए प्रभावित इलाकों में 11 आपातकालीन चिकित्सा टीमों को उतारा गया है। राहत कर्मियों ने करीब 400 स्थानीय लोगों को मानसिक प्राथमिक सहायता दी है और जरूरतमंद महिलाओं तथा बच्चियों के बीच 3,200 से ज्यादा डिग्निटी किट बांटी हैं।
खाने-पीने की चीजें और बच्चों के लिए मदद
खाद्य सुरक्षा की गंभीर समस्या से निपटने के लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने 80 मीट्रिक टन खाद्य सहायता भेजी है, जिससे 9,200 लोगों को 15 दिनों तक भोजन मिल सकेगा। इसके अलावा यूनिसेफ (UNICEF) ने गंभीर कुपोषण से जूझ रहे 500 बच्चों के लिए रेडी-टू-यूज चिकित्सीय भोजन उपलब्ध कराया है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि लगभग 65,000 लोगों को तुरंत पानी, साफ-सफाई और स्वच्छता सेवाओं की जरूरत है। साथ ही 22,000 से अधिक बच्चों को विशेष सुरक्षा सेवाओं की आवश्यकता है, जिनमें गंभीर रूप से कमजोर माने जा रहे 2,600 शिशु भी शामिल हैं।
स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को नुकसान
अधिकारियों के मुताबिक 10,500 गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए अतिरिक्त पोषण की सख्त जरूरत है। इसके अलावा 10,000 से ज्यादा स्कूली बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता है, क्योंकि प्रशासन ने अपने परिवारों से बिछड़े हुए 107 बच्चों की सूची तैयार की है। इस आपदा में बुनियादी ढांचे को भी बहुत नुकसान पहुंचा है, जिसमें 19 स्कूल क्षतिग्रस्त हुए हैं और उनमें से 9 पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। फिलहाल इनमें से 8 स्कूलों की इमारतों का इस्तेमाल बेघर हुए लोगों के लिए राहत शिविर के रूप में किया जा रहा है।