नेपाल में बड़ा चमत्कार, बाढ़ में 11 दिन तक घर की चौथी मंजिल पर फंसी रही महिला, ऐसे बची जान.

नेपाल के नुवाकोट जिले से एक बेहद हैरान करने वाली और राहत भरी खबर सामने आई है जहाँ लगातार आई भीषण बाढ़ के बीच एक बुजुर्ग महिला पूरे ग्यारह दिनों तक मौत को मात देकर जिंदा बच निकली। प्रकृति के इस भयंकर प्रकोप के बीच महिला का इतने लंबे समय तक सुरक्षित रहना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है और हर कोई इस घटना की चर्चा कर रहा है।
बाढ़ का तांडव और ग्यारह दिनों का संघर्ष
प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल के नुवाकोट जिले के विदुर नगरपालिका-10, बेत्रावती इलाके में पिछले दिनों भारी तबाही मची थी। इलाके में यह भयंकर बाढ़ 26 अगस्त 2026 को भोटेकोशी नदी प्रणाली में उफान आने के कारण आई थी जिसके पानी ने रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया था। इसी दौरान बाढ़ के पानी के बीच एक चार मंजिला मकान में 64 वर्षीय चण्डिका श्रेष्ठ फंस गई थीं। पानी चारों तरफ से भर चुका था और नीचे के तल पूरी तरह डूब चुके थे जिसके कारण उनका बाहर निकलना पूरी तरह नामुमकिन हो गया था। वे लगातार ग्यारह दिनों तक अपने ही घर की चौथी मंजिल पर बिना किसी बाहरी मदद के अकेली फंसी रहीं और इस दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी बचाने के लिए भारी संघर्ष किया।
सशस्त्र पुलिस बल का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया। आखिरकार 05 सितंबर 2026 को सशस्त्र पुलिस बल यानी APF की एक विशेष नौ सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। इस साहसिक बचाव अभियान का नेतृत्व पुलिस इंस्पेक्टर सुमन कुमार बीके ने किया था। टीम ने भारी जोखिम उठाते हुए विदुर वेत्रावती स्थित उस चार मंजिला घर की चौथी मंजिल तक पहुंच बनाई और फंसी हुई बुजुर्ग महिला चण्डिका श्रेष्ठ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लगातार ग्यारह दिनों तक बिना सही खान-पान और बाढ़ के बीच रहने के कारण जब उन्हें बाहर निकाला गया तो वे अर्ध-चेतन अवस्था में थीं और उनकी शारीरिक स्थिति काफी कमजोर हो चुकी थी।
अस्पताल में इलाज जारी
सुरक्षित बाहर निकाले जाने के तुरंत बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बिना कोई देर किए हेलीकॉप्टर के माध्यम से प्रारंभिक उपचार के लिए त्रिशूली स्थित नेपाली सेना के मैबल बैरक ले जाया गया। इसके बाद उनकी नाजुक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें आगे के विशेष इलाज के लिए राजधानी काठमांडू के छाउनी स्थित नेपाली सेना अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी देखरेख कर रही है और उन्होंने बताया है कि अब चण्डिका श्रेष्ठ की हालत पूरी तरह स्थिर और संतोषजनक है। इस सफल रेस्क्यू के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और सुरक्षा बलों की इस बहादुरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।