नेपाल में बड़ी कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस चोलेन्द्र शमशेर राणा गिरफ्तार.

पड़ोसी देश नेपाल से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है जहाँ नेपाल सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस चोलेन्द्र शमशेर जंग बहादुर राणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद से वहां की राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हड़कंप मच गया है। आम लोगों के बीच भी इस गिरफ्तारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं क्योंकि देश के सबसे बड़े न्यायालय के मुखिया रहे किसी व्यक्ति पर इस तरह की कानूनी कार्रवाई होना एक बहुत बड़ी घटना मानी जा रही है।
महाराजगंज स्थित आवास से हुई गिरफ्तारी
काठमांडू क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए रविवार सुबह महाराजगंज स्थित उनके आवास से उन्हें हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व चीफ जस्टिस राणा के विरुद्ध काठमांडू क्राइम ब्रांच में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक दर्ज की गई शिकायत और उन पर लगाए गए आरोपों का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया है। पुलिस का यह कहना है कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही इस संबंध में सारा विवरण जनता के सामने रखा जाएगा ताकि स्थिति पूरी तरह से साफ हो सके।
महाभियोग और निलंबन का पुराना मामला
आपको बता दें कि चोलेन्द्र शमशेर राणा 2 जनवरी 2019 को नेपाल सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर आसीन हुए थे। इसके बाद 13 फरवरी 2022 को संसद में उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की गई थी जिसके बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत वह स्वतः ही अपने पद से निलंबित हो गए थे। इस महाभियोग के बाद उनके खिलाफ देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट में एक लंबी कानूनी प्रक्रिया चली थी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया था कि उनके खिलाफ चलाई गई महाभियोग की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है इसलिए उनकी पेंशन और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले सभी प्रकार के बकाए और रकम को तुरंत रिलीज किया जाए।
राजनीतिक उथल-पुथल से जुड़ा रहा है कार्यकाल
पूर्व चीफ जस्टिस राणा का कार्यकाल कई बड़े और विवादित फैसलों की वजह से हमेशा चर्चा में रहा है। तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली द्वारा संसद भंग किए जाने के फैसले को चोलेन्द्र शमशेर राणा की अगुवाई वाली संवैधानिक बेंच ने पूरी तरह से खारिज कर दिया था। उस समय अदालत ने बड़ा कदम उठाते हुए केपी शर्मा ओली के खिलाफ बने नेपाली कांग्रेस और माओवादी गठबंधन के नेता शेरबहादुर देउवा को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त करने का फैसला सुनाया था। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद नेपाल की राजनीति में एक नया मोड़ आया था और राणा काफी चर्चा में आ गए थे। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर पुराना राजनीतिक और न्यायिक घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है।