Nepal Glacier Avalanche: नेपाल में ग्लेशियर टूटने से मची तबाही, अमेरिका ने दिए 5 लाख डॉलर और डब्ल्यूएचओ ने बढ़ाई मदद.

नेपाल में नेपाल-चीन बॉर्डर के पास ग्लेशियर टूटने से भयानक आपदा आ गई है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरा मच गई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद के हाथ बढ़ने लगे हैं और हालात से निपटने के लिए राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। अमेरिका सरकार ने नेपाल की मदद के लिए $500,000 यानी पांच लाख अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता देने का बड़ा ऐलान किया है। यह खतरनाक घटना 26 अगस्त 2026 की सुबह हुई थी, जब एक विशाल ग्लेशियर में भयानक हिमस्खलन हुआ था।
नेपाल में तबाही का मंजर और नुकसान
इस भीषण हादसे के बाद अचानक आए तेज बाढ़ के पानी और कीचड़ के सैलाब ने सब कुछ अपने रास्ते में तबाह कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 27 अगस्त 2026 तक इस आपदा में 380 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कम से कम 900 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें लगातार गायब लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। इस तबाही की वजह से देश का बुनियादी ढांचा बुरी तरह चरमरा गया है, जिसमें कुल 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, 40 किलोमीटर लंबी सड़कें, 19 पुल और लगभग 200 ट्रक पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इस तबाही के बारे में अधिक जानकारी ANI News की रिपोर्ट में विस्तार से दी गई है, जिसे आप यहाँ देख सकते हैं। इसके अलावा अन्य जानकारी ANI News Category पर भी उपलब्ध है।
अमेरिकी सरकार और डब्ल्यूएचओ का सहयोग
अमेरिका की राजनीतिक मामलों की अवर सचिव Allison M. Hooker ने नेपाल के विदेश मंत्री Shisir Khanal के साथ बातचीत के दौरान इस आर्थिक मदद और राहत सामग्री भेजने की आधिकारिक पुष्टि की। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य तेजी से खोज और बचाव अभियान चलाना और वहां फंसे अमेरिकी नागरिकों का पता लगाना था। अमेरिकी विदेश विभाग एक आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार को मैदान में उतार रहा है, जो कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज के जरिए आपातकालीन आश्रय, राहत सामग्री और पानी की आपूर्ति को सुचारू रूप से चलाने में मदद करेगा। इसके साथ ही, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने भी राहत कार्यों को समर्थन देने के लिए दवाइयों और बहुउद्देशीय तंबू समेत जरूरी चिकित्सा उपकरण नेपाल भेज दिए हैं।
प्रशासन और सरकार का अगला कदम
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने नेपाल के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़े होने की बात कही है। काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास लगातार वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों को नदियों के किनारों से दूर रहने की सख्त सलाह दे रहा है। इस गंभीर संकट से निपटने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra Shah ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, ताकि राहत और बचाव मिशन का बेहतर तरीके से प्रबंधन किया जा सके। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी NDRRMA ने ल्हेन्डे नदी से भविष्य में दोबारा बाढ़ आने का खतरा जताया है। प्रशासन ने सभी बचाव दलों और स्थानीय नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने और सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है।