नेपाल के गोरखा जिले में बाढ़ से पांच लोग लापता, बचाव अभियान जारी

गोरखा (नेपाल): गोरखा जिले में 11 अक्टूबर 2026 को आई अचानक बाढ़ में पांच लोग लापता हो गए हैं। चुमके खोला इलाके में भारी भूस्खलन से बुधी गंडकी नदी का बहाव कुछ देर के लिए रुक गया था, और उसके बाद बने प्राकृतिक बांध के टूटने से पानी का तेज बहाव नीचे की बस्तियों तक पहुंचा।
बांध सुबह करीब 4:35 बजे स्थानीय समय के अनुसार टूटा। इस बहाव ने चुमनुब्री और धर्चे ग्रामीण नगरपालिकाओं में घरों, पुलों और दूसरे ढांचों को नुकसान पहुंचाया। अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक लापता लोगों में दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं, जो चुमचेत के उंगिलुंग इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। कुछ अनुमानों में यह संख्या दस तक बताई गई है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी बाकी है।
बाढ़ में 35 से 45 घर तबाह हुए हैं। सोती खोला पुल समेत छह अहम पुल भी प्रभावित हुए हैं, जिससे इलाके का संपर्क बुरी तरह टूट गया है। 341 मेगावाट की बुधी गंडकी जलविद्युत परियोजना पर भी असर पड़ा है, जहां निर्माण शिविर और मशीनें पानी में बह गईं।
घेत्तेखोला स्थित डेवलपमेंट बेसिक स्कूल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। नेपाली सेना, स्थानीय पुलिस और राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) की टीमें राहत कार्य में लगी हैं। फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए चार हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।
अब तक 95 से 200 लोगों को बचाया गया है, जिनमें 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। मनासलू ट्रेकिंग मार्ग पर 100 से ज्यादा विदेशी पर्यटक रास्तों के टूटने से फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि वहां रेस्तरां जैसी जरूरी सेवाएं अब भी चालू हैं।
गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धरेंद्र कुमार मिश्र ने चल रहे राहत कार्यों के पैमाने की पुष्टि की है। चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका की अध्यक्ष निमा लामा ने त्रासदी का कारण भूस्खलन से बने अवरोध के अचानक ढहने को बताया। 13 अक्टूबर 2026 तक बुधी गंडकी नदी का जलस्तर घट रहा है और इलाके में मौसम साफ हो गया है।
नेपाल में हाल के दिनों में कई आपदाएं सामने आई हैं। इसी बीच केयर नेपाल ने हिमालयी नदी क्षेत्रों में बसे समुदायों पर जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर की ओर ध्यान दिलाया है।