नेपाल में 10 हजार सरकारी कर्मचारियों की छंटनी के लिए संसद में विधेयक

पड़ोसी देश नेपाल से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है, जहां सरकारी महकमे में एक बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। नेपाल की संसद में हाल ही में बहुप्रतीक्षित संघीय निजामती सेवा विधेयक को दर्ज कराया गया है। इस नए विधेयक के कानून बनने के बाद देश में 10 हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।
क्या है नया प्रावधान और सेवानिवृत्ति की उम्र?
वर्तमान नियमों के अनुसार नेपाल में सरकारी कर्मचारियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष है। हालांकि, इस नए विधेयक में इस उम्र सीमा को बढ़ाकर 60 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके बावजूद, कुछ विशेष नियमों के चलते हजारों कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
विधेयक के नियमों के मुताबिक:
- कानून लागू होने के समय जिन कर्मचारियों की आयु 55 वर्ष पूरी हो चुकी होगी, उन्हें अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति दे दी जाएगी।
- जिन कर्मचारियों की सरकारी सेवा की अवधि 30 वर्ष पूरी हो चुकी होगी, वे भी इस नियम के दायरे में आएंगे।
- सचिव और मुख्य सचिव जैसे उच्च पदों पर तैनात राजपत्रांकित विशिष्ट श्रेणी के अधिकारियों के लिए पदावधि और आयु में से जो भी पहले पूरा होगा, उसी आधार पर रिटायरमेंट तय किया जाएगा।
प्रशासनिक सुधार की ओर एक कदम
इस विधेयक को संघीय मामलों तथा सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल द्वारा संसद सचिवालय में प्रस्तुत किया गया है। विधेयक को पेश करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मुख्य उद्देश्य देश की सिविल सेवा को और अधिक सक्षम, दक्ष, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाना है। सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक प्रशासन में सुधार होगा और सुशासन की नींव को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
कर्मचारियों के लिए विशेष पेंशन प्रावधान
हजारों कर्मचारियों के समय से पहले रिटायर होने की संभावना को देखते हुए विधेयक में पेंशन से जुड़े कुछ विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। इसके तहत 55 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की बची हुई सेवा अवधि में से अधिकतम तीन साल तक की अवधि को पेंशन के लिए जोड़ने का विकल्प रखा गया है। वहीं, जिनकी पदावधि पूरी हो चुकी है, उनकी शेष अवधि या 58 वर्ष की आयु पूरी होने तक की समय सीमा को पेंशन गणना में शामिल किया जाएगा।