Nepal Weather Alert: नेपाल में भारी बारिश का अलर्ट जारी, 24 से 27 सितंबर तक सतर्क रहने की अपील.

नेपाल में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिससे आम जनता की चिंताएं बढ़ गई हैं। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जिसके कारण देश के कई हिस्सों में 24 सितंबर से 27 सितंबर तक भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान लुंबिनी, मधेश और कोशी प्रांतों में सबसे ज्यादा बारिश हो सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। सरकार और संबंधित विभाग स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
मौसम प्रणाली और संभावित खतरे
नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी बरुण पौडेल ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के उत्तरी अंडमान सागर और आसपास के पानी में बना यह कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है और जल्द ही एक डिप्रेशन या चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस मौसमी हलचल का असर बुधवार से नेपाल में दिखना शुरू हो जाएगा, जहां कोशी, बागमती और गंडकी प्रांतों में मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। इसके बाद 25 से 27 सितंबर के बीच गंडकी और लुंबिनी प्रांतों में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को नदियों और पहाड़ी इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
रासुवा-भोटे कोशी बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य
यह नया मौसम अलर्ट ऐसे समय में आया है जब देश पहले से ही रासुवा-भोटे कोशी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद खोज, बचाव और राहत कार्यों में जुटा हुआ है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ की घटना से जुड़े 1,451 शवों को बरामद या बचाया जा चुका है। इनमें से 1,292 शवों को सुरक्षित रूप से जमीन के नीचे सहेजा गया है, जबकि 112 शवों को उनके परिवारों को सौंपा जा चुका है। काठमांडू की दो फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं में डीएनए परीक्षण का काम तेजी से चल रहा है, जहां नेपाल पुलिस केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को 1,957 नमूने और राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला को 1,715 नमूने प्राप्त हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद और शिविरों में शरण
इस संकट की घड़ी में नेपाल की मदद के लिए कई देशों के अंतरराष्ट्रीय फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी पहुंचे हैं, जिनमें भारत से 19 डीएनए विशेषज्ञ, सिंगापुर से दो फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ, दक्षिण कोरिया से तीन डीएनए विशेषज्ञ, अमेरिका से तीन फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और चीन से 15 डीएनए विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा, कुल 344 मरीजों का 19 स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज किया गया है, जिनमें से 12 मरीज अभी भी इलाज के अधीन हैं, जबकि उपचार के दौरान चार लोगों की मौत हो गई। वर्तमान में 1,215 प्रभावित लोग 21 होल्डिंग सेंटर में शरण लिए हुए हैं, जिनमें रासुवा के नौ केंद्रों में 788 लोग, नुवाकोट के आठ केंद्रों में 306 लोग और धाडिंग के चार केंद्रों में 121 लोग शामिल हैं। सरकार स्थिति की नियमित समीक्षा कर रही है और स्थानीय स्तर पर राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।