नेपाल में भारी बारिश का तांडव, बिजली व्यवस्था हुई ठप और 1,300 मेगावाट से अधिक क्षमता प्रभावित

Aanya27 September 20262 min read1 viewWorld
नेपाल में भारी बारिश का तांडव, बिजली व्यवस्था हुई ठप और 1,300 मेगावाट से अधिक क्षमता प्रभावित

नेपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के बाद देश के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ आ गई और कई जगहों पर खतरनाक भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। इस प्राकृतिक आपदा की वजह से नेपाल की बिजली प्रसारण और वितरण व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। बिजली के बड़े-बड़े ट्रांसमिशन लाइनों में फॉल्ट आने और उत्पादन केंद्रों में तकनीकी खराबी के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऊर्जा मंत्रालय ने दी जानकारी

नेपाल के ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस आपदा की वजह से देश की कुल 1,303 मेगावाट बिजली उत्पादन और वितरण क्षमता पर बुरा असर पड़ा है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा एक ही समय में हुई बिजली कटौती का नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग समय पर आई तकनीकी बाधाओं और लोड शटडाउन का कुल योग है। पोखरा, बुटवल, हेटौंडा और राजधानी काठमांडू के मुख्य इलाकों में बिजली व्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

पोखरा क्षेत्र में सबसे भारी नुकसान

प्राकृतिक आपदा और बाढ़ का सबसे गंभीर असर पोखरा क्षेत्र में देखने को मिला है। यहां कुश्मा से न्यू बुटवल जाने वाली 220 केवी प्रसारण लाइन में बड़ा फॉल्ट आने के कारण करीब 200 मेगावाट बिजली बाधित हुई। इसके अलावा रौघाट और दाना लाइन में आई तकनीकी समस्या से लगभग 155 मेगावाट क्षमता प्रभावित हुई। लगातार बारिश के चलते कालीगंडकी, अपर मादी, सुपर मादी, सेती नदी और मोदी समेत कई प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं का उत्पादन रोकना पड़ा है। अकेले पोखरा इलाके में ही जलविद्युत परियोजनाओं को 400 मेगावाट से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

विभिन्न इलाकों का हाल और सुधार कार्य

बुटवल और रौघाट के इलाकों में भी ट्रांसमिशन लाइनों पर पेड़ गिरने और फॉल्ट आने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हालांकि, बिजली कर्मचारियों ने तुरंत हरकत में आते हुए कुछ लाइनों को तय समय पर फिर से चार्ज कर दिया और सुचारू करने की कोशिश की। हेटौंडा क्षेत्र में मांडू 66 केवी लाइन में बाढ़ के पानी घुसने से करीब 32 मेगावाट बिजली प्रभावित हुई। इसके अलावा सिमरा सबस्टेशन में 20 मेगावाट और अमलेखगंज, परवानीपुर तथा वीरगंज के बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 80 मेगावाट बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रही।

राजधानी काठमांडू में भी दिखा असर

पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ राजधानी काठमांडू के पाटन और टेकु जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी कुछ समय के लिए बिजली गुल रही। सुबह के वक्त पाटन सबस्टेशन और टेकु क्षेत्र में पथलैया लाइन तथा स्युचाटार लाइन पर एक साथ अत्यधिक लोड बढ़ने के कारण यह समस्या पैदा हुई। स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का सहारा लिया गया ताकि जल्द से जल्द हालात को सामान्य किया जा सके। मौसम के कड़े तेवर को देखते हुए तकनीकी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द सभी लाइनों को ठीक किया जा सके।

Share:

Comments

Leave a comment