नेपाल में हिमालयी बाढ़ से 1300 से ज्यादा लोगों की मौत, राष्ट्रीय शोक घोषित, राहत कार्य जारी.

Sushma Kumari7 September 20263 min read56 viewsWorld
नेपाल में हिमालयी बाढ़ से 1300 से ज्यादा लोगों की मौत, राष्ट्रीय शोक घोषित, राहत कार्य जारी.

नेपाल देश में हाल ही में आई भयानक प्राकृतिक आपदा के बाद पूरे देश में मातम का माहौल है और सरकार ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय शोक दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान देश भर में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुका दिया गया ताकि हिमालयी बाढ़ की वजह से जान गंवाने वाले 1300 से अधिक पीड़ितों को सम्मान दिया जा सके। यह भयंकर आपदा नेपाल और तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर के टूटने की वजह से आई थी, जिसने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। पारंपरिक 13 दिन के हिंदू शोक काल के समापन पर यह श्रद्धांजलि दी गई, जिसमें सरकारी इमारतों के साथ-साथ विदेशों में स्थित नेपाली मिशनों ने भी हिस्सा लिया। इस बात की जानकारी Ministry of Foreign Affairs और Ministry of Home Affairs द्वारा जारी किए गए निर्देशों के बाद सामने आई, जिसे आप विस्तार से mofa.gov.np पर देख सकते हैं।

मृतकों और लापता लोगों की संख्या में लगातार इजाफा

सामने आए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 7 सितंबर तक इस आपदा में कुल मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,355 हो गई है, जिनमें अकेले नेपाल में 1,342 और तिब्बत में 43 लोगों की जान गई है। इसके अलावा लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें करीब 600 विदेशी नागरिक शामिल हैं जो दुनिया भर के 35 अलग-अलग देशों से ताल्लुक रखते हैं। इतने बड़े पैमाने पर लोगों के लापता होने से परिवारों में भारी चिंता का माहौल है और अपनों की तलाश के लिए लोग लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। नेपाल सरकार के लिए इस समय खोज और बचाव अभियान चलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता बना हुआ है, जिसके तहत देश की सेना और पुलिस लगातार काम कर रही है।

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अंतर्राष्ट्रीय मदद और राहत अभियान

इस मुश्किल वक्त में नेपाल की मदद के लिए कई देशों की टीमें आगे आई हैं और स्थानीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। राहत कार्यों में भारत, चीन, कोरिया गणराज्य, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE और मलेशिया से आई विशेष बचाव टीमें नेपाल आर्मी, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स का पूरा साथ दे रही हैं। ये सभी टीमें मिलकर रासुवा, नुवाकोट और धाडिंग जैसे प्रभावित जिलों में मलबे को हटाने और क्षतिग्रस्त हुए 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में खोजबीन करने का काम कर रही हैं। National Emergency Operation Center के अधिकारी फणींद्र पौडेल ने इस बात की पुष्टि की है कि देश में बचाव अभियान अभी भी सक्रिय रूप से चल रहा है, इसलिए फिलहाल किसी भी तरह के सार्वजनिक सरकारी समारोह का आयोजन नहीं किया गया है।

राजधानी काठमांडू में प्रदर्शन और बुनियादी ढांचे की बहाली

आपदा के इतने दिन बीत जाने के बाद भी जब कई लोगों का कुछ पता नहीं चला, तो लापता लोगों के रिश्तेदारों ने 7 सितंबर को काठमांडू में जोरदार प्रदर्शन किया और राहत अभियानों की गति को और तेज करने की मांग उठाई। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने इस कठिन परिस्थिति में सुरक्षा कर्मियों की लगातार मेहनत और लगन की सराहना की है, जो दिन-रात काम करने में जुटे हैं। इसके साथ ही सरकार टूटी हुई बुनियादी सुविधाओं जैसे कि बिजली, टेलीकॉम और सड़कों को दोबारा ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर जुटी हुई है ताकि आम जनजीवन को फिर से पटरी पर लाया जा सके। पिछले चार दिनों के दौरान मलबे से 4 जीवित लोगों को सुरक्षित बाहर भी निकाला गया है, जिससे बचाव दल की उम्मीदें अभी भी कायम हैं।

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