नेपाल गृह मंत्री सुधन गुरुंग दिल्ली में जयशंकर से मिले, IGI एयरपोर्ट पर हुई मुलाकात

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर बुधवार को नई दिल्ली में नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मिले। इसके बाद गुरुंग इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से काठमांडू के लिए रवाना हो गए।
जयशंकर ने इस मुलाकात की जानकारी एक्स पर दी। उन्होंने लिखा, "नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग से मिलकर अच्छा लगा।" नेपाल दूतावास ने भी एक्स पर बताया कि गुरुंग की जयशंकर से हवाई अड्डे पर संक्षिप्त बातचीत हुई। दूतावास के मुताबिक, उन्हें दूतावास के चार्ज d'affaires डॉ. सुरेंद्र थापा, दूतावास के अधिकारियों और भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने विदाई दी।
गुरुंग भारत आए थे, जहां उन्होंने नई दिल्ली में हुई बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक में हिस्सा लिया। यह बैठक 13 अक्टूबर को हुई थी। इसी बैठक के किनारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी गुरुंग से मुलाकात की।
अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि दोनों देश आपसी सहयोग को और गहरा करने और करीबी रिश्तों को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। नेपाल दूतावास के मुताबिक, इस बातचीत में सुरक्षा सहयोग, सीमा प्रबंधन, सीमा पार अपराध से निपटने और आपदा की तैयारी और जवाब पर चर्चा हुई। गुरुंग ने अगस्त में काठमांडू में आई बाढ़ के बाद भारत की समय पर मिली मदद के लिए आभार जताया। दूतावास ने यह भी कहा कि गुरुंग ने हाल की बाढ़ और भूस्खलन के बाद मिली मदद की सराहना की।
बिम्सटेक के गृह मंत्रियों ने बैठक के बाद एक संयुक्त घोषणापत्र अपनाया। गृह मंत्रालय के अनुसार, इसमें सीमा पार आतंकवाद, आतंक के वित्तपोषण, कट्टरपंथ, नशीली दवाओं और मानव तस्करी, साइबर अपराध और संगठित अपराध से निपटने पर जोर दिया गया। मंत्रालय ने बताया कि सूचना साझा करने, कानूनी सहायता, प्रत्यर्पण और क्षमता निर्माण पर भी प्राथमिकता दी गई। इसके साथ ही ऑनलाइन घोटालों में फंसे मानव तस्करी के पीड़ितों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
बैठक में सदस्य देशों के गृह मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच प्रमुख समझौतों और कार्ययोजनाओं को औपचारिक मंजूरी दी। इनमें मानव तस्करी के खिलाफ बिम्सटेक कन्वेंशन भी शामिल है, जिसका उद्देश्य मानव तस्करी की रोकथाम, अपराध को दंडनीय बनाना और पीड़ितों के संरक्षण और पुनर्वास को सुनिश्चित करना है। इसके अलावा नशीली दवाओं पर नियंत्रण के लिए बिम्सटेक कार्ययोजना भी अपनाई गई।