Nepal Hydropower Tunnel: नेपाल में हाइड्रोपावर टनल से तीसरा मजदूर सुरक्षित बाहर निकाला गया, 10 दिन बाद मिली बड़ी सफलता।

नेपाल के उत्तरी हिस्से में एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है जहाँ आपदा के 10 दिन बाद बचाव दल ने एक हाइड्रोपावर टनल से तीसरे मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। यह हादसा 26 अगस्त 2026 को आए भीषण बाढ़ के बाद हुआ था, जिसने पूरे इलाके में तबाही मचा दी थी और कई लोग पानी तथा मलबे के बीच फंस गए थे। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में नेपाली सेना और दक्षिण कोरियाई आपदा विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने मिलकर काम किया और Trishuli हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की 225 मीटर (लगभग 740 फीट) लंबी सुरंग से इस चीनी नागरिक को सफलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाला।
बचाव अभियान और पिछले रेस्क्यू ऑपरेशन
इससे पहले शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को इसी प्रोजेक्ट से दो नेपाली कर्मचारियों को भी सुरक्षित निकाला गया था जिनकी पहचान मैकेनिकल फोरमैन संजय शाह और मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महरजन के रूप में हुई थी। इन दोनों को सुरंग के भीतर 170 मीटर (558 फीट) की गहराई से बाहर निकाला गया था। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस नवीनतम बचाव कार्य की आधिकारिक पुष्टि की है और नेपाल आर्मी ने बचाए गए व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच की तस्वीरें भी जारी की हैं जिसके बाद उसे एयरलिफ्ट करके बेहतर इलाज के लिए ले जाया गया। इसके अलावा शनिवार को बाढ़ प्रभावित Nuwakot शहर से एक महिला को भी एक घर से जीवित निकाला गया जिसे तुरंत काठमांडू चिकित्सा उपचार के लिए भेज दिया गया।
ग्लेशियर टूटने से हुआ भारी नुकसान
अधिकारियों के अनुसार यह भयानक आपदा किसी ग्लेशियर के टूटने के कारण आई थी जिसकी वजह से अब तक कम से कम 1,300 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 5,000 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। वर्तमान में राहत और बचाव का काम कुल 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर पूरी ताकत से चल रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस आपदा में लगभग 900 मजदूर लापता हैं जिनमें से अनुमानित 500 लोग पानी और मलबे से भरी सुरंगों के भीतर फंसे हो सकते हैं। अकेले Trishuli 3A साइट पर ही लगभग 115 मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की ली जा रही मदद
नेपाली अधिकारियों ने इस जटिल बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई इंजीनियर और जियोलॉजिस्ट Arnold Dix को भी बुलाया है जो लगातार अपनी तकनीकी सलाह दे रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इन बचाव कार्यों को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है क्योंकि इस महाअभियान में भारत, चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका जैसे देशों की अंतरराष्ट्रीय टीमें भी पूरा सहयोग कर रही हैं। पहले बचाए गए लोगों ने यह बयान दिया था कि सुरंगों के भीतर अभी भी कुछ अन्य लोग जीवित हो सकते हैं जिससे बचाव दल का हौसला और ज्यादा बढ़ गया है और वे लगातार मलबे के बीच फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।