नेपाल-भारत सीमा पर बड़ा फैसला, अब झुलाघाट नाका का संचालन समय बढ़ा, जानिए नए समय की पूरी डिटेल

Sushma Kumari1 September 20262 min read68 viewsIndia
नेपाल-भारत सीमा पर बड़ा फैसला, अब झुलाघाट नाका का संचालन समय बढ़ा, जानिए नए समय की पूरी डिटेल

नेपाल और भारत के बीच आपसी रिश्तों और बॉर्डर पर आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। हाल ही में हुई नेपाल-भारत सुरक्षा समन्वय बैठक में यह सहमति बनी है कि सीमा पर स्थित बैतडी के झुलाघाट नाके से होने वाली आवाजाही को और ज्यादा सुगम बनाया जाए। इसके लिए अब नाके के संचालन के समय को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे दोनों तरफ के आम लोगों और यात्रियों को काफी राहत मिलने वाली है। सीमा से जुड़े इन बदलावों से दोनों देशों के स्थानीय नागरिकों का जीवन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

अब कितने घंटे खुलेगा झुलाघाट नाका

बैठक में लिए गए नए निर्णयों के अनुसार, सीमा पर स्थित झुलाघाट नाका अब अलग-अलग मौसम के हिसाब से संचालित किया जाएगा। गर्मी के मौसम में झुलाघाट नाका सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। वहीं दूसरी ओर, सर्दी के मौसम में यह नाका सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित किया जाएगा। इस बदलाव से उन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो रोजमर्रा के काम के लिए सीमा पार करते हैं या फिर जिन्हें किसी जरूरी कामकाज से एक देश से दूसरे देश जाना पड़ता है। समय बढ़ने से अब लोगों को लंबी लाइनों और समय की पाबंदी से काफी हद तक छुटकारा मिल जाएगा।

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बैठक में किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

बैतडी की प्रमुख जिला अधिकारी मीना अर्याल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस उच्चस्तरीय बैठक में केवल समय बढ़ाने तक ही बात सीमित नहीं रही। बैठक के दौरान सीमा सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, पूर्व सूचना के आदान-प्रदान, व्यापार को आसान बनाने और सीमा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों से जुड़े साझा हितों के तमाम जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा ऐतिहासिक झुलाघाट स्थित झूला पुल के रखरखाव और मरम्मत के विषय को भी प्रमुखता से उठाया गया। सीडीओ मीना अर्याल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय पक्ष को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दे दी गई है कि चालू वित्त वर्ष के भीतर नेपाल की ओर से पुल की मरम्मत का काम पूरा कराया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

आपदा प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय

सीमावर्ती इलाकों में अक्सर बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए बैतडी, दार्चुला और भारत के पिथौरागढ़ क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने पर सहमति बनी है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तत्काल सूचना साझा करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम देने के लिए दोनों देशों के प्रशासनिक एवं सुरक्षा निकायों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस पूरी बैठक की विस्तृत रिपोर्ट हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है, जिसमें पत्रकार पंकज दास ने पूरी जानकारी साझा की है। इस तरह के कदमों से दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और कूटनीतिक रिश्ते और ज्यादा मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं।

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