भारत और नेपाल के रिश्ते हुए मजबूत, विदाई बैठक में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने की चर्चा.

भारत और नेपाल के बीच आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयां देने वाले भारतीय राजदूत Naveen Srivastava ने अपना कार्यकाल पूरा होने पर नेपाल के बड़े नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने नेपाल के विदेश मंत्री Shisir Khanal और विदेश सचिव Amrit Bahadur Rai से सिंह दरबार स्थित मंत्रालय में विदाई मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच पिछले कुछ सालों में ऊर्जा, सड़क संपर्क और आम लोगों के बीच आपसी मेलजोल जैसे मामलों में हुई तरक्की पर खुलकर बातचीत की गई। नेपाल सरकार ने भी भारतीय राजदूत के कामों की खूब सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
भोटे कोसी बाढ़ में भारत की तरफ से मिली मदद
नेपाल के विदेश मंत्री ने बातचीत के दौरान भारत की तरफ से समय पर दी गई राहत सामग्री और मदद के लिए धन्यवाद कहा। जब नेपाल की भोटे कोसी नदी में भयंकर बाढ़ आई थी, तब भारत ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य में पूरा सहयोग दिया था। दोनों देशों की टीमों ने मिलकर इस आपदा का सामना किया था। नेपाल के मंत्री ने कहा कि भारत की इस त्वरित मदद से दोनों देशों के बीच की दोस्ती और गहरी हुई है। नेपाल सरकार ने उम्मीद जताई है कि नवीन श्रीवास्तव आगे भी नेपाल के अच्छे दोस्त बने रहेंगे और दोनों देशों के बीच के संबंध ऐसे ही आगे बढ़ते रहेंगे।
चिलिमे हाइड्रोपावर सुरंग में चल रहा बचाव अभियान
आपदा के बाद से ही भारत और नेपाल की संयुक्त टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। चिलिमे हाइड्रोपावर सुरंग के अंदर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए दिन-रात काम चल रहा है। लगभग तीन हफ्ते बीत जाने के बाद बचाव दल उस जगह के बहुत करीब पहुंच गया है जहां छह लोगों के फंसे होने की आशंका है। हालांकि सुरंग के अंदर पानी और कीचड़ की वजह से काम में थोड़ी परेशानी आ रही है, लेकिन भारतीय और नेपाली टीमों ने नई तकनीकों का इस्तेमाल करके लगभग 150 मीटर सुरंग को साफ कर लिया है। अब बचाव दल पावरहाउस से महज 50 मीटर की दूरी पर है।
भारतीय तकनीक और केमिकल का हो रहा इस्तेमाल
नेपाली सांसद और हाइड्रोलिक इंजीनियर Sagar Dhakal ने मीडिया से बातचीत में बताया कि भारतीय सेना और राहत दलों ने इस अभियान में बहुत मदद की है। भारतीय टीमों ने सुरंग से पानी और कीचड़ को अलग करने के लिए एक खास केमिकल का इस्तेमाल किया, जिससे दलदल में चलना आसान हो गया। इस नई तकनीक की मदद से राहत कार्यों में काफी तेजी आई है। नेपाल की स्थानीय टीम ने भी इस तकनीक को अपना लिया है ताकि बचाव कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जा सके और सुरंग के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप ANI News पर देख सकते हैं।