नेपाल में कालीगंडकी नदी में भीषण बाढ़, बह गया अहम पुल, आवागमन ठप

नेपाल में प्रकृति के रौद्र रूप ने एक बार फिर जनजीवन पर गहरा असर डाला है। देश की महत्वपूर्ण कालीगंडकी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण स्यांगजा और गुल्मी जिलों को आपस में जोड़ने वाला एक पुल बह गया है। इस घटना से दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नदी का जलस्तर इतनी तेज़ी से बढ़ा कि वह मिर्मी डैम साइट के नीचे बने इस पुल को अपने साथ बहा ले गया।
यह घटना रविवार सुबह लगभग 6 बजे हुई, जब कालीगंडकी नदी का बहाव बेहद तेज हो गया था। यह पुल स्यांगजा जिले के मिर्मी और गुल्मी जिले के हर्मिचौर नामक स्थानों को आपस में जोड़ता था, जो इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग था। पुल के बह जाने से स्थानीय व्यापार, परिवहन और लोगों की आवाजाही पर सीधा और गंभीर प्रभाव पड़ा है।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कालीगंडकी 'ए' जलविद्युत केंद्र में कार्यरत अधिकारी, विष्णुप्रसाद न्यौपाने ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जलविद्युत परियोजना के बांध स्थल पर पानी का बहाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया था, जिसके कारण पुल बाढ़ की चपेट में आ गया। गुल्मी के पुलिस प्रमुख, एसपी भीम किरण बोगटी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पुल बाढ़ में बह गया है। उन्होंने बताया कि यह एक बेली ब्रिज (Bailey Bridge) था, जिसका उपयोग मुख्य रूप से चार पहिया वाहनों के आवागमन के लिए किया जाता था। इस पुल के ढहने से अब वाहनों के साथ-साथ पैदल यात्रियों का भी मिर्मी और हर्मिचौर के बीच आना-जाना मुश्किल हो गया है। प्रशासन अब इस स्थिति से निपटने और वैकल्पिक व्यवस्थाएं बनाने पर विचार कर रहा है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों को फिर से जोड़ा जा सके।